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मां के सामने गंगा में डूबकर बेटे की मौत

कार्यालय संवाददाता पटना। मां ने बड़े नाजों से पढ़ा-लिखा कर बेटे को दारोगा बनाया था कि वह उसके बुढ़ापे का सहारा बनेगा। पर उसे क्या पता था कि उसका दारोगा पुत्र श्याम सुन्दर प्रसाद गंगा से उसके लिए जल लाने जाएगा और जीवनदायिनी गंगा उसे अपने गोद में समा लेगी।

दीघा थानांतर्गत मीनार घाट पर मंगलवार की सुबह लगभग 7.30 बजे मोकामा में पदस्थापित पीएसआई 30 वर्षीय श्याम की गंगा में अचानक डूबने से हुई मौत के बाद वहां अफरातफरी मच गई। मां के सामने ही गंगा ने पुत्र को लीला तो उसका कलेजा फट गया। वह दहाड़ मार कर रोने लगी।

इसी बीच उनके परिजन भी मौके पर घाट पर पहुंच गए। नवादा जिले के रजौली के मूल निवासी श्याम चितकोहरा में परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे। बहरहाल सूचना मिलने के बाद दीघा के थानेदार एसके चौबे मौके पर गोताखोर बैजनाथ व राजेन्द्र को लेकर घाट पर पहुंच गए।

लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पटना में वाहन कोषांग में प्रतिनियुक्त श्याम का शव घटनास्थल से लगभग एक बांस की दूरी पर निकाला गया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार सुबह लगभग पौने सात बजे श्याम अपनी मां व भांजे के साथ बाइक पर स्नान करने के लिए बाइक से गए।

मां नहा चुकी थी और पूजा-पाठ की तैयारी कर रहीं थीं। इसी बीच श्याम मां के लिए गंगा से जल लाने के लिए गया। जैसे ही वह गंगा में उतरा, उसका पांव दलदल में चला गया। उसके बाद वह धीरे-धीरे धंसने लगा। उसे तैरना नहीं आता था। नतीजतन वह ऊब-डूब करने लगा। फिर देखते ही देखते ही वह नदी में समा गया। थानेदार ने बताया कि श्याम का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।

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