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चुनाव में नक्सल समस्या से निपटने को रहेगी पुख्ता तैयारी

पटना(हि.ब्यू.)। जमुई में नक्सली वारदात के बाद राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव के आगे के चरणों में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया है। सुरक्षा कारणों से पांच जिलों में चुनाव स्थगित किए जाने के राज्य निर्वाचन आयोग निर्णय के बाद मंगलवार को मुख्य सचिव अनूप मुखर्जी, डीजीपी नीलमणि और गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने राज्य निर्वाचन आयुक्त जे.के.दत्ता से मिलकर यह विश्वास दिलाया कि नक्सली वारदातों से निपटने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

इधर राज्य सरकार ने नक्सल गतिविधियों के मद्देनजर केन्द्र से तत्काल सीआरपीएफ की 54 कंपनी की मांग की है। चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आयोग के अनुसार राज्य सरकार के आश्वासन को ध्यान में रखकर जिन जिलों में चुनाव स्थगित किए गए थे वहां मतदान के पुनर्निर्धारित कार्यक्रम घोषित कर दिए गए हैं।

रविवार को नौवें चरण के मतदान के दौरान माओवादियों द्वारा सात मतदानकर्मियों को अगवा किए जाने के बाद आयोग ने सोमवार को जमुई, बांका, गया, औरंगाबाद और रोहतास जिले में पुनर्मतदान को छोड़कर पंचायत चुनाव के 18 से 24 मई तक निर्धारित कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था। हालांकि मंगलवार को सभी मतदानकर्मियों को मुक्त करा लिया गया।

इधर आयोग के सचिव अहिभूषण पाण्डेय ने कहा कि सुरक्षा कारणों से मतदान को स्थगित किया गया था। राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद संबंधित चुनाव क्षेत्रों में मतदान के पुनर्निर्धारित कार्यक्रम घोषित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गया के आमस प्रखण्ड में भी चुनाव स्थगित किया गया था लेकिन वहां दसवें चरण में बुधवार को ही वोटिंग होगी।

उन्होंने कहा कि अब सिर्फ 195 नक्सल प्रभावित पंचायतों में ही पांच अलग-अलग तिथियों मतदान कराया जाना है इसलिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी। सचिव के अनुसार 21 और 24 मई को जो निर्वाचन होना है वह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे। इसके अलावा कुछ प्रखण्डों में मतदान की नई तिथि घोषित की गई है।

दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो जमुई की घटना के बाद ऐसी खुफिया जानकारियां आई थीं कि माओवादी संगठन के बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में मतदान के दौरान किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। नक्सल क्षेत्रों में मतदान के संशोधित कार्यक्रमजमुई- खैरा में 21 मई, झाझा में 24 मई और लक्ष्मीपुर प्रखण्ड में 28 मई को वोटिंग होगी औरंगाबाद-नवीनगर और कुटुम्बा में 21 मई मदनपुर, कुटुम्बा और देव में 24 मई तथा देव में 28 मई को वोटिंग होगी।

पूर्वी चंपारण-छौड़ादानो और चकिया में 21 मई को वोटिंग होगी।बांका-फुल्लीडुमर में 21 मई और बेलहर में 24 मई को वोटिंग होगी। सहरसा-महिषी में 21 मई को वोटिंग होगी। गया-आमस में 18 मई, बांके बाजार और इमामगंज में 21 मई, डुमरिया में 24 मई और डुमरिया और बाराचट्टी में 28 मई को वोटिंग होगी। रोहतास-नौहट्टा और रोहतास में 26 मई को वोटिंग होगी।

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