DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बच्चों की मस्ती पर भारी होमवर्क

मथुरा हिन्दुस्तान संवाददाता। अधिकांश स्कूल बंद हो चुके हैं। अभिभावक सुबह की नींद ले रहे हैं। महिलाओं का तनाव कम हो गया है। इसके बाद भी बच्चों में गर्मियों की छुट्टियों का उत्साह कम दिख रहा है। वजह है उनको मिला होमवर्क। लगभग सभी स्कूलों ने अवकाश के साथ-साथ बच्चों को होमवर्क, वैकेशनल वर्क आदि के भंवर में फंसा दिया है।

अभिभावक डा.जितेंद्र कुमार ने बताया कि स्कूल में बच्चों के लिए दिए गए काम से उन्हें ही बोझ जैसा लगता है। बच्चों भी दु:खी मन से काम कर रहे हैं। विविध विषयों पर मिले प्रौजेक्ट भी अधिक हैं। वे कहते हैं कि कभी गर्मियों की छुट्टियां बच्चों के लिए जोश लेकर आया करतीं थीं।

अभिभावक भी मौज मस्ती के मूड में होते थे। बच्चों ज्यादातर नानी अथवा दादी के पास पहुंच जाते थे। यहां बच्चों एकल परिवार से अलग संयुक्त परिवार में रहकर हर बात को शेयर करना सीखते थे। घर के संस्कारों को यहां से ही बच्चों में पिरोया जाता था। खेलकूद के साथ दूध दही खाने पर ज्यादा जोर दिया जाता था।

दादी अथवा नानी भी मार्ग दर्शक कहानियां सुनाकर बच्चों के कोमल मन को अनुशासित करते हुए संस्कारवान बनाने का प्रयास करतीं थीं। लेकिन अब सब बदल गया है। समर वैकेशनल होने के बाद भी अभिभावकों के पास बच्चों के लिए समय नहीं है। बच्चों को दिए गए होमवर्क ने बांध दिया है।चाइल्ड क्रियेटिव प्रमोटर डा.किरन शर्मा ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम और हिन्दी माध्यम दोनों की तरह के स्कूलों ने बच्चों को विविध कार्य दिए हैं।

इनमें कुछ काम तो संतोषजनक हैं। बच्चों को कुछ अलग हटकर भी दिया जा रहा है। लेकिन बच्चों को इसे हौवा नहीं बनाना चाहिए। लगातार काम पर न जुटाएँ। हर दिन थोड़ा-थोड़ा होमवर्क पूरा कराएं, जिससे कि बच्चों का टच बना रहे। उन्होंने कहा कि कम से कम बच्चों को कुछ दिन की आउटिंग कराना उनको आगे बढ़ाने के लिए लाभप्रद है।

जनपद में बच्चों ने लुभाने को तैयारखेल- क्रिकेट, टीटी, स्विमिंग, स्केटिंग प्रशिक्षणडांस- क्लासिकल, मिक्स, रॉक डांस प्रशिक्षणटय़ूशन-कंप्यूटर शॉर्ट कोर्स, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बच्चों की मस्ती पर भारी होमवर्क