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नोएडा तक पहुंची एक्सटेंशन की आग

नोएडा वरिष्ठ संवाददाता। नोएडा एक्सटेंशन की आग नोएडा तक पहुंच गई है। एक्सटेंशन से सटे आठ सेक्टरों में किसानों ने बिल्डरों का काम रोक दिया। यहां अलग-अलग प्रोजेक्ट में करीब बीस हजार फ्लैट बन रहे हैं। अधिकांश फ्लैट बुक हो गए हैं। किसानों का आरोप है कि बगैर आपत्ति सुने जमीन का अधिग्रहण किया गया।

अब किसान अलॉटमेंट के पचास फीसदी रेट की मांग कर रहे हैं। पांच फीसदी प्लाट का मामला भी नहीं निपटा है। अथॉरिटी सभी मांगें शासन को भेज रही है। किसान लामबंद हैं और नोएडा एक्सटेंशन के बाद अब नोएडा में रियल एस्टेट के बूम को ब्रेक लग सकता है। दो दिन पहले किसानों ने पंचायत कर बिल्डरों का काम रोकने की चेतावनी दी थी।

सोमवार को सोरखा, जाहिदाबाद, सरफाबाद, ककराला, सलारपुर, बरौला, गढ़ी चौखंडी के किसान लाठी-डंडों के साथ एकत्र हुए। किसानों ने गार्डेनिया, सुपरटेक, आम्रपाली, यूनिटेक में काम रोक दिया। सेक्टर 74, 75, 76, 78, 79, 116, 113 और 117 में करीब बीस हजार फ्लैट बन रहे हैं। यहां छह से सात मंजिल का निर्माण हो चुका है और बिल्डर ने नब्बे फीसदी फ्लैट बुक कर दिए हैं।

सैकड़ों किसानों को देखकर साइट दफ्तर पर बैठे एजेंट भाग खड़े हुए। सुपरटेक के सामने किसान धरना देकर बैठ गए। अथॉरिटी के प्रशासनिक अफसर दीपचंद अमले के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों ने अपनी मांगे रखीं। ए.ओ. ने कहा कि कैंप लगाकर सभी किसानों को पांच फीसदी प्लाट दिए जाएंगे। आबादी का मामला जल्दी निपटा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सोसायटी वाला विवाद शासन को भेजा गया है। किसानों ने कहा कि उनसे जमीन करीब चार सौ रुपये मीटर ली गई है, जबकि यह दस हजार में अलॉट की गई है। हमें पांच हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिले। ए.ओ. ने कहा कि यह मांग शासन को भेजी जाएगी। वहां से निर्देश मिलने पर तीन दिनों में किसानों को जानकारी दी जाएगी। इसके बाद किसानों ने 15 जून तक समय दिया।

किसानों ने चेतावनी दी कि मांगे न मानने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। धरना देने वालों में करमवीर प्रधान, जयपाल, यामीन प्रधान, धर्मपाल, रणपाल पहलवान, मान सिंह, धर्मवीर मौजूद थे। मांग-अलॉटमेंट रेट (दस हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर) का आधा रेट किसान को मिले-पांच फीसदी प्लॉट का मामला निपटे, किसानों को मिले सेक्टरों में प्लॉट-भूमिहीन किसानों को भी सौ वर्ग मीटर से बड़ा प्लॉट मिले-आबादी का मामला सुलझे, किसानों की आबादी छोड़े अथॉरिटी मामला एक सोसायटी ने सैकड़ों एकड़ जमीन किसानों से खरीद ली।

सीलिंग एक्ट के तहत किसी के पास 12.5 एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं हो सकती। डीएम ने इस जमीन को सरकारी खाते में दर्ज कर दिया। किसानों का आरोप है कि करीब छह सौ एकड़ जमीन बिल्डरों को दी गई और इस पर काम चल रहा है। कुछ किसानों ने सोसायटी को जमीन नहीं दी थी, उनकी जमीन बगैर मुआवजे चली गई। अथॉरिटी ए.ओ. दीपचंद मानते हैं कि कुछ किसानों का मामला फंसा है।

शासन से निर्देश मांगे गए हैं। उसके बाद कार्रवाई होगी। मुकाबला किसान खुलकर अथॉरिटी और बिल्डरों के खिलाफ उतर आए हैं। किसानों ने काम रोक दिया है। बिल्डरों ने छह मंजिल से ज्यादा निर्माण कर लिया है। किसानों का कहना है कि अब आर-पार की लड़ाई होगी। बगैर आपत्ति सुने उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया और पांच फीसदी प्लाट भी नहीं दिए गए। अब वे खुलकर लड़ाई लड़ेंगे। शाहबेरी और सूरजपुर के फैसले के बाद कुछ किसान कोर्ट जाने का भी मन बना रहे हैं।

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