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जवानी में लग रहा बुढ़ापे का रोग

वाराणसी कार्यालय संवाददाता। कल तक जिस बीमारी के होने का डर 50 साल की उम्र के बाद आता था वह आज 20 से 25 साल की उम्र में हो जा रहा है। पहले दिल से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां बुढ़ापा आने के साथ होती थीं। लेकिन अब तो युवाओं को हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ने लगी है।

बीएचयू और मंडलीय अस्पताल के हृदयरोग विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपर टेंशन के कारण युवाओं में दिल के दौरे और दिल से जुड़ी दूसरी समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। पांच साल पहले तक ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में इक्का-दुक्का मरीज उच्च रक्त चाप के होते थे। लेकिन अब 20 से 25 फीसदी हो गये हैं। इनमें जितनी संख्या बुजुर्गों की हैं उतनी ही युवाओं की भी।

बीएचयू के कार्डियोलाजी विभाग के डॉ. पीआर गुप्त का कहना है कि अगर अभी भी युवाओं ने अपनी जीवनचर्या को नहीं बदला तो उसका परिणाम और खतरनाक साबित होगा। डॉ. गुप्त ने बताया कि आधुनिकतावादी साधनों को अपनाने के चक्कर में युवाओं ने अपनी कार्यक्षमता को कम कर दिया है। अब वे अपना ज्यादातर काम मशीनों की मदद से करते हैं। जो पूरी तरह गलत है।

वहीं डॉ. दीपक अग्रवाल ने बताया कि नमक के ज्यादा सेवन से रक्त चाप बढ़ता है। जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव कुमार गुप्त का कहना है कि हर पांच वयस्कों में से 1 व्यस्क इस मर्ज से ग्रस्त है। इससे दिल के दौरे के साथ ही लकवा, गुर्दो की बीमारी और आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है।

आकंड़ें बोलते हैं- अस्पताल हृदय रोग के मरीज युवाओं की संख्याजिला अस्पताल 30-40 प्रतिदिन 8-10 मंडलीय अस्पातल 30-35,, 6-8 बीएचयू अस्पताल 150-160 25-30 ये है खतरनाक मोड़ पर-मोटापा या जरूरत से ज्यादा वजन वाले।-जंक फूड का ज्यादा सेवन करने वाले।-परिवार में किसी सदस्य को उच्च रक्तचाप की बीमारी हो। -धूम्रपान करते हैं। -डायबिटिक हैं।-अधिक तेल घी खाते हैं। -बहुत ज्यादा नमक खाते हैं। -नियमित व्यायाम नहीं करते। -शराब का सेवन करने वाले। -बहुत ज्यादा तनाव ग्रस्त रहते हैं।

बचाव के तरीके हैं आसान -तम्बाकू का सेवन न करें।-नमक का सेवन कम से कम करें।-नियमित व्यायाम करें।-संतुलित भोजन करें।-खून में ग्लूकोज की मात्रा सामान्य स्तर पर बनाएं रखें।-कोलेस्ट्राल और वसा वाले खाद्य पदार्थ ज्यादा न लें।-अगर आपको ब्लड प्रेशर है तो उसकी दवा नियमित लें।-तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें।- अपने ब्लड प्रेशर की जांच नियमित करायें। -ड्राई फ्रूट ज्यादा न लें।-अंकुरित अनाज, दालें और हरी पत्तेदार सब्जी ज्यादा मात्रा में लें।

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