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सी-सैट बिहारियों के लिए वरदान है

पटना। यूपीएससी इस साल से अपने पीटी के पैटर्न में बदलाव कर रही है। इस बदलाव से घबराने की जरूरत नहीं है। पैटर्न और सैम्पल क्वैक्शन को अच्छी तरह लें। खासकर यह बिहारियों के लिए वरदान है क्योंकि बिहार से काफी लोग बैंकिंग और एमबीए की परीक्षा की तैयारी करते हैं।

सी-सैट का पैटर्न काफी कुछ इससे मिलता है। ये बातें यूपीएससी में 45वां रैंक लाने वाले और आईएएस के लिए क्वालीफाई करने वाले अमित किशोर ने हिन्दुस्तान कार्यालय में आयोजित फोन इन कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने अपनी तैयारियों के बारे में, यूपीएससी में पूछे जाने वाले सवालों के बारे में, योग्यता के बारे में, चांस के बारे में, ऑप्शनल पेपर के चयन के बारे में सहित कई सवालों का विस्तार से जवाब दिया।

सबसे खास बात रही कि इस बार 12वीं की परीक्षा देने वाले कई छात्र-छात्राएं यूपीएससी के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने भी तैयारी की रुपरेखा के बारे में जानकारी मांगी। पेश हैं उनके फोन इन कार्यक्रम के अंश-अपनी तैयारी के बारे मेंपटना सेंट्रल स्कूल से 10वीं और 12वीं करने के बाद 2005 में मैंने बीआईईटी, देनवगेरे (कर्नाटक) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया। इसी दौरान मैंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। मैं अभी अभी ओएनजीसी, मुंबई हाई में कार्यरत हूं।

ओएनजीसी में 14 दिनों के काम के बाद 14 दिन की छुट्टी का फायदा उठाया और दिल्ली जाकर तैयारी की। यह मेरा चौथा और अंतिम प्रयास था। दो प्रयास में मुख्य परीक्षा तक गया। साइंस का छात्र होने के बावजूद मैंने यूपीएससी के लिए समाजशास्त्र और लोक प्रशासन का चयन किया, क्योंकि मुझमें लिखने की क्षमता थी और इन दो विषयों से मुझे लगाव था।

सी-सैट के रूप में क्या बदलाव हुआ है वैश्वीकरण के इस दौरान अधिकारियों में प्रोफेशनलिज्म की क्षमता को परखने के लिए पैटर्न में बदलाव किया गया है। बदलाव सिर्फ पीटी में हुआ है। यह सही है और बिहार के छात्रों को इससे और फायदा मिलेगा। क्योंकि बिहार के छात्र ऐसे पैटर्न की तैयारी करते रहे हैं। नए बदलाव में जनरल स्टडीज का पेपर पहले जैसा ही है। सिर्फ पर्यावरण का सेक्शन नया जोड़ा गया है। दूसरे पेपर में ऑप्शनल पेपर के बदले एप्टीट्यूड टेस्ट डाला गया है। इसमें डिसीजन मैकिंग, कम्यूनिकेशन स्किल, इंटरपर्सनल स्किल को परखने के लिए जनरल मेंटल एबिलिटी, लॉजिकल रीजनिंग, अंग्रेजी कॉम्प्रीहेंसन और डीआई से सवाल होंगे।

कैसे करें सी-सैट की तैयारीः यूपीएससी के वेबसाइट पर सी-सैट से संबंधित नोटिफिकेशन को अच्छी तरह पढ़ लें। वेबसाइट पर डालें सैम्पल पेपर को अच्छी तरह देख लें और उसी के अनुसार तैयारी करें। जीएस के लिए एनसीईआरटी के किताबों का सहारा लें। न्यूजपेपर खासतौर से हिन्दु और हिन्दुस्तान को और इसके संपादकीय को जरूर पढ़ें। एप्टीट्यूट टेस्ट के लिए कई किताबें और जरूरत पड़े तो कोचिंग इंस्टीट्यूट की सहायता लें।

ऑप्शनल विषय का चयन कैसे करें: ऑप्शनल का चयन अपनी पसंद और रुचि के आधार पर करें। स्नातक के विषय को चुनना भी अच्छा रहेगा। साइंस बैकग्राउंड के लोगों में अगर लिखने की क्षमता है तो मानविकी के विषयों का चयन कर सकते हैं। स्कोरिंग विषय का चयन करना चाहते हैं तो उसमें भी सबसे पहले अपनी रुचि देख लें।

सिर्फ यूपीएससी के लिए समर्पित होना ठीक होगाः यूपीएससी एक कठिन परीक्षा है और सफल नहीं होने पर नौकरी के लिए उम्र निकल जाने का भी डर रहता है। वर्तमान ट्रेंड को देखें तो पता चलेगा कि 50 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने नौकरी करते हुए सफलता हासिल की है। बेहतर होगा कि एक अल्टरनेट ऑप्शन लेकर चलें। अगर नौकरी करते तैयारी करते हैं तो यह और भी अच्छा रहेगा। इसका फायदा आपको इंटरव्यू के दौरान भी मिलेगा।

कोचिंग कितना फायदेमंद होता हैः कोचिंग से अच्छा गाइड और ग्रुप मिलता है। तैयारियों को भी सही दिशा मिलती है। वैसे यह बिल्कुल आपकी इच्छा और काबिलियत पर निर्भर करता है। अगर नए विषय को ऑप्शनल पेपर के रूप में चुना है तो कोचिंग जरूर कर लें।

कितना समय देना ठीक होगाः यूपीएससी के लिए एक साल की तैयारी काफी है। सबसे महत्वपूर्ण बात हैं कि आप 4-5 घंटे प्रतिदिन तैयारियों पर दें। 16 जून की परीक्षा के बारे मेंयूपीएससी की पीटी के लिए करीब एक महीने का समय है। पूरा समय रिवीजन पर दें। मार्च तक के करेंट अफैयर्स पर ध्यान दें।

किताबें जीएस के लिए- न्यूजपेपर जैसे हिन्दु या हिन्दुस्तान, इकोनॉमिक सर्वे, क्रोनिकल सिविल सर्विसेज, प्रतियोगिता दर्पण के विशेषांक, टीएमएच के सिरीज, मनोरमा ईयर बुक, इंडिया ईयर बुक, विभिन्न विषयों के लिए एनसीईआरटी की किताबें, इतिहास के लिए विपिन चंद्रा की किताब, संविधान के लिए डीडी बसु और सुभाष कश्यप की किताब, साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट का नोट्स, पर्यावरण के लिए एनसीईआरटी की किताब।

एटलस का अध्ययन करें। समाज शास्त्र-रिट्जर और हेवलम्बस की किताब। लोक प्रशासन के लिए लक्ष्मीकांत, रजनी गोएल और इंडियन जर्नल ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन।

महत्वपूर्ण बातें यूपीएससी के सवालों में बदलाव आया है और सवाल समकालीन विषयों से संबंधित ज्यादा पूछे जा रहे हैं। न्यूज पेपर पढ़ने की आदत बना लें। पीटी, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में समकालीन सवालों के जवाब देने में आसानी होगी। न्यूज पेपर या विभिन्न विषयों को पढ़ने के साथ-साथ नोट्स भी बनाते चलें।

पीटी के बाद का समय मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता है।ऑप्शनल पेपर में बार-बार बदलाव ना करें। सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे ऑरकुट पर बने ग्रुप का भी तैयारी में इस्तेमाल करें। हिन्दी या अंग्रेजी कोई भी मीडियम चुन सकते हैं। हिन्दी के साथ यह परेशानी है कि इसमें अच्छी किताबें मौजूद नहीं हैं। इंटरव्यू में पर्सनल डाटा से जुड़े सवालों के लिए विशेष तैयारी करें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें और खानपान के साथ खिलवाड़ ना करें।

इन्होंने ने किए सवाल अरविंद कुमार (भागलपुर), नीलेश कुमार (भागलपुर), प्रभात (पटना), अनामिका (पटना), रवि पांडेय (नरकटियागंज), ईला (पटना), रोहित दुबे (पटना), डा.बी.प्रसाद (सीवान), धर्मेद्र कुमार, सत्येंद्र कुमार भारती (बिहार शरीफ), पंकज कुमार (सुपौल), प्रभांशु शेखर (कहलगांव), अनीश कुमार सिन्हा (गया), शिल्पा अग्रवाल (किशनगंज), आलोक कुमार (जहानाबाद), गुलशनल कुमार (भागलपुर), संजना सिंह (पटना), निशांत कुमार (पटना), पवन कुमार (पटना), चंदन कुमार (बक्सर), सेविका (सीवान), अमित (हाजीपुर), आकांक्षा (पटना), अंकिता (पटना),

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