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सरकार की पूंजी पर मुनाफा कमायेंगे किसान

पटना(हि.ब्यू.)। सरकार की पूंजी पर मुनाफा कमायेंगे किसान। खेतीबारी में जुटे राज्य के लोगों की आमदनी बढ़ाने का यह नया सरकारी फार्मूला है। बीज आधे दाम पर किसानों को बेचेगी सरकार और उनका उत्पाद पूरी कीमत अदा कर खरीदेगी। इसी के साथ राज्य में बीजग्रामों की संख्या भी बढ़ा दी गई।

इस खरीफ मौसम में हर प्रखंड के छह गांवों को बीजग्राम के रूप में चिह्न्ति किया गया है। पिछले साल यह संख्या चार थी। बीजग्राम के किसानों द्वारा उत्पादित धान के बीज को इस बार सरकार खरीदेगी। मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना का सर्वे कराने के बाद सरकार ने यह फैसला किया है।

राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये गये सर्वे के अनुसार किसानों ने इस योजना के तहत दिये गये आधार बीज से हुए उत्पादन का 18 प्रतिशत ही बीज के रूप में उपयोग किया। हालांकि केन्द्र सरकार ने इसे बिहार की बड़ी उपलब्धि मानकर अधिकारियों की जमकर तारीफ की। लेकिन राज्य सरकार बीज प्रतिस्थापन दर को शिखर पर पहुंचाना चाहती है।

सरकार का मानना है कि किसानों को बीज बेचने का लाइसेंस नहीं है, इसलिए उत्पादन का उपयोग अबीज के रूप में हुआ। लिहाजा इस बार फैसला किया गया है कि बीजग्राम में किसानों द्वारा पैदा किये गये बीज को सरकार खुद खरीद लेगी और फिर उसे बीज निगम के माध्यम से दूसरे जरूरतमंद किसानों के हाथों बेच दिया जाएगा।

उत्पादन के साथ ही उनके बीज के प्रमाणीकरण की व्यवस्था होगी। आधार बीज का वितरण कृषि विकास उत्सवों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्पादन दोगुना करने के लिए बीज को सबसे महत्वपूर्ण उपादान मानते हुए इसके प्रतिस्थापन दर को 33 प्रतिशत करने का टार्गेट रखा है। वर्तमान में सूबे में बीज प्रतिस्थापन दर धान में 26 और गेहूं में 25 प्रतिशत हो गया। लेकिन सरकार के काम के मुताबिक यह उपलब्धि भी कम है।

मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना से जो बीजक्रांति हुई है उसका आकलन अभी इसमें नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि सरकार की सभी योजनाओं को आकलन किया जाएग तो प्रतिस्थापन दर 50 से कम नहीं होगा।

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