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बीएन कॉलेज प्रिंसिपल की नियुक्ति रद्द

पटना, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट ने बीएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजकिशोर प्रसाद की नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया। शुक्रवार को अदालत ने कहा कि प्राचार्य की नियुक्ति के लिए गठित चयन समिति ही जब नियम के अनुकूल नहीं थी, तो उसके द्वारा की गई कार्यवाही को वैध नहीं ठहराया जा सकता। न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी की एकलपीठ ने डॉ. राय मुरारी तथा मधुरेंद्र नाथ सिन्हा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।

दोनों याचिकाकर्ताओं ने बीएन कॉलेज के प्राचार्य पद पर 3-6-2009 को डॉ. प्रसाद को नियुक्त किए जाने संबंधी आदेश की वैधता को चुनौती दी थी। पटना विश्वविद्यालय के कुलपति के आदेश से रजिस्ट्रार ने अधिसूचना जारी की थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता विनोद कुमार कंठ की दलील थी कि डॉ. प्रसाद की नियुक्ति पटना विवि एक्ट 1976 तथा अन्य नियमों के विरुद्ध है।

नियुक्ति के लिए प्रकाशित विज्ञापन के अनुरूप प्राचार्य के लिए जरूरी योग्यता को भी डॉ. प्रसाद पूरा नहीं करते थे। दूसरी ओर, पटना विश्वविद्यालय के अधिवक्ता अजय कुमार सिन्हा तथा प्राचार्य डा. प्रसाद के वरीय अधिवक्ता शिवाजी पाण्डेय ने कहा कि एक बार जब कोई उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में शामिल हो जाता है और चयनित सूची में स्थान प्राप्त करने में सफल नहीं रहता तो उसे चयन समिति के निर्णय को चुनौती देने की छूट नहीं रहती।

न्यायमूर्ति त्रिपाठी ने 25 पृष्ठों के अपने आदेश में कहा कि प्राचार्य पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित मापदंडों का न तो पालन किया गया और न ही कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही की गई। अदालत ने याचिकाकर्ताओं की रिट याचिका को मंजूर कर लिया।

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