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भोजपुरी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने बनारस आया आगे

वाराणसी सुरोजीत चैटर्जी। भोजपुरी भाषा व संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बनारस आगे आया है। बलिया के बसंतपुर स्थित भोजपुरी सांस्कृतिक केंद्र व आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी मेमोरियल स्टडी सेंटर (इतिहास संग्रहालय) को वाराणसी का क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र टेकओवर करने की तैयारी है।

अपने उद्देश्यों में शुरू से ही पिछड़े इन भवनों को हासिल करने के लिए भारत सरकार के निर्देश पर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश की यह कवायद है। शहरी क्षेत्र से दूर निर्जन इलाके में भवन होने समेत यहां साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियां न होने से इसके उद्देश्य कभी परवान नहीं चढ़े। 08 के अंत में तत्कालीन डीएम की रिपोर्ट पर केंद्र ने फरवरी 09 में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) को इसका केयर टेकर बनाया।

अप्रवासियों ने दिया था पैसाः बलिया में यह केंद्र बनाने के लिए कई भोजपुरी भाषी प्रवासी-अप्रवासी भारतीयों ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को एक बड़ी धनराशि मुहैया करायी। पैसा भारत सरकार को सौंपते हुए 14 करोड़ रुपये की लागत से भवन 2003 में बना।

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