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समय ने तो लिख दिया राजमती का इतिहास

गोरखपुर। हर्षवर्धन शाही आम विधानसभा चुनाव से पहले के अंतिम उपचुनाव में समय ने सचमुच राजमती का इतिहास लिख दिया। राजमती माने, नाम मात्र की पढ़ी-लिखी, राजनीति के ककहरे से दूर एक घरेलू महिला और ऊपर से एक दुर्घटना में पति के गुजर जाने से वैध्व्य का दु:ख। पैसे-कौड़ी के मामले में भी कमजोर।

सपा की प्रत्याशी और कांग्रेस एवं पीस पार्टी का प्रतीकात्मक समर्थन। सामने थे, एक ओर धनबल पर चुनाव जीतने में दक्ष तीन बार के विधायक निर्दल जितेन्द्र उर्फ पप्पू जायसवाल, जिन्हें पर्दे के पीछे से हासिल था सत्तारुढ़ बसपा का आशीर्वाद और साथ। दूसरी ओर थे भाजपा प्रत्याशी राधेश्याम सिंह जिनके सारथी बने थे हालात को मोड़ने में पारंगत स्टार नेता योगी आदित्यनाथ।

कागज पर यह लड़ाई राजमती के पक्ष में तो नहीं दिखती थी लेकिन जमुना के साथ साल भर हुए अत्याचार को ठीक से महसूस करने वाली पिपराइच की जनता उपचुनाव की घोषणा के पहले से ही मन बना चुकी थी कि जब भी मौका मिला तो जमुना के परिवार का जमकर साथ दिया जाएगा। समय ने भी तय कर लिया था कि जमुना के साथ हुई नाइन्साफी पर वह अपना फैसला सुनाते हुए धारा के विरुद्ध वाला इतिहास लिखेगा।

जो तटस्थ थे वे चुनाव परिणाम का आंकलन कर चुके थे। उपचुनाव की प्रक्रिया तो महज औपचारिकता थी। मतदान से दो दिन पहले आठ मई को ‘हिन्दुस्तान’ द्वारा किया गया विश्लेषण मतगणना के दिन अक्षरश: सही साबित हुआ। राजमती को 56019 मत, पप्पू को 29961 मत और राधेश्याम को 26078 मत मिले।

साफ-साफ दिखता है कि त्रिकोणीय मुकाबले में राजमती सचमुच वृहद कोण थीं। चुनाव के जानकारों के मुताबिक राजमती को निषाद समुदाय के अलावा सहानुभूति के रूप में हर वर्ग का वोट मिला। जानकार यह कहते हैं कि इस चुनाव में सहानुभूति का जो ज्वार बना था उसमें अगर राजमती निर्दल लड़ी होतीं तो शायद उनको मिलने वाले वोट इससे बहुत ज्यादा होते। यह भी एक तथ्य है कि राजमती को जो भी दल अपना प्रत्याशी बनाता उसे जीत का स्वाद मिलता ही मिलता।

प्रत्याशी बनाने में भाजपा चूक गई और सपा आज इस चुनाव का अपने पक्ष में अपने तरह से विश्लेषण करने का अवसर पा चुकी है। अब राजमती पर है कि शानदार जीत की पृष्ठभूमि में अगले चुनाव को भी अपने पक्ष में कर पाएंगी कि नहीं। चुनाव बहुत दूर नहीं है और राजमती के हाथ में हैं दो करोड़ 40 लाख रुपए जो ठीक से इस्तेमाल किए जाएं तो अपने अनुकूल ‘पिच’ बनाने में मददगार होंगे।

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