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ग्रामीणों ने पकड़ी सरकारी अनाज की कालाबाजारी

दुमका। सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी करते ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़कर पुलिस चौकीदार के हवाले कर दिया लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर अनाज के साथ फरार हो गया। यह घटना मसलिया के जेरुवा खिलकनाली गांव में शुक्रवार को सुबह के करीब 9 बजे हुई।

इस बावत ग्रामीणों ने जनवितरण प्रणाली के डीलर के विरुद्ध शिकायत करते हुए लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि राजन साह जनवितरण दुकानदार तपन कुमार पंडित के यहां से दो क्विंटल चावल लेकर बाइक से जा रहा था कि ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ लिया और उसे चौकीदार के हवाले कर दिया।

ग्रामीणों ने उपायुक्त से जनवितरण प्रणाली के दुकानदार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।

बिजली संकट से उड़ी दुमकावासियों की नींद

दुमका। इस उमस भरी गर्मी में बिजली की आंख मिचौनी शुरू हो गई है। दुमका जिला में 20 मेगावाट बिजली की खपत है, लेकिन 7 मेगावाट की आपूर्ति की जा रही है। इस लिहाज से विद्युत बोर्ड, दुमका ने 7 मेगावाट की सप्लाई तीन फीडरों में एक-एक घंटे कर दिए हैं। इस उमस भरी गर्मी के कारण लोग रात में सो नहीं पाते है।

दुमका के लोगों का कहना है कि दुमका के स्थानीय विधायक अभी राज्य के उपमुख्यमंत्री है। इसके बावजूद यहां पर बिजली की समस्या है। लोगों का कहना है कि गर्मी आने के साथ ही लोड शेडिंग की समस्या क्यों उत्पन्न हो जाती है। बिजली संकट से छोटे-मोटे उद्योगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है।

दुमका के कल कारखाने जेनरेटरों के भरोसे चल रहे हैं। विद्युत बोर्ड,दुमका के सूत्रों से पता चला है कि दो दिनों से तेनुघाट में बिजली उत्पादन बंद हो गया है। जिससे दुमका सहित संथाल परगना में बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई है।

दुमका शहर में है कुल 12 हजार विद्युत उपभोक्ता

दुमका शहर में कुल 12 हजार विद्युत उपभोक्ता है। इनमें से कई कल-कारखानों एवं कई घरों पर लाखों रुपए का बिजली बिल बकाया है। इसके बाद भी बिजली की सप्लाई की जा रही है। कई ऐसे भी गली मुहल्ले है,जहां बिजली की चोरी खुलेआम हो रही है। लेकिन पदाधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग रही है।

सहायक विद्युत अभियंता का क्या है कहनाः सहायक विद्युत अभियंता वीरेन्द्र किस्कू ने बताया कि गुरुवार की शाम से बिजली की सप्लाई में काफी कटौती कर दी गई है। 20 मेगावाट के जगह पर 7 मेगावाट की सप्लाई की जा रही है। इस वजह से दुमका के तीनों फीडरों के उपभोक्ताओं के बीच एक-एक घंटा कर बिजली की सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी भर यह समस्या लगी रहेगी।

रानेश्वर में बिजली संकट से लोग परेशान

रानेश्वर। रानेश्वर प्रखंड के विभिन्न गांवों में बिजली संकट से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। दिन भर में मुश्किल से 3 से 4 घंटे ही बिजली रहती है। शाम के वक्त पिकऑवर में तो बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है। इस भीषण गर्मी में बिजली संकट से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रात भर रानेश्वर के गांवों में अंधेरा पसरा रहता है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और लोगों के रोजी-रोजगार पर बिजली संकट का काफी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बिजली बोर्ड के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई पर कोई असर नहीं हुआ। प्रशासन, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस भीषण समस्या के प्रति उदासीन हैं।

हाईटेंशन तार गिरने से सामान जले

रानेश्वर/प्रतिनिधि। बिजली विभाग की लापरवाही से बुधवार को रानेश्वर बाजार में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हालांकि इससे जान माल की नुकसान नहीं हुई। लेकिन बिजली उपभोक्ता के घर में लगाया गया बिजली उपकरण समेत बिजली वायरिंग जल गया।

जानकारी के अनुसार यहां हटिया परिसर में होकर एलडी 220 वोल्टेज की बिजली का तार खींचा गया है। उसी तार के ऊपर से होकर 11 हजार की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। अचानक हाईटेंशन तार कटकर उपभोक्ता के घर पर लगे कनेक्शन के तार पर गिर पड़ा और 220 वोल्टेज के तार में 11 हजार वोल्टेज का करंट दौड़ने लगा। जिससे घर में लगे बल्व, पंखा, मोटर, रेफ्रिजरेटर, टीवी, वायरिंग आदि जल गए।

स्थानीय मिस्त्री के जरिए बिजली सप्लाई बंद कराया गया। बिजली विभाग की लचर व्यवस्था से लोगों में घोर आक्रोश व्याप्त है। लोग आन्दोलन के लिए गोलबंद होने लगे हैं।

कनेक्शन देने में वसूली का आरोप

रानेश्वर। प्रखंड के गोविन्दपुर गांव में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना दलालों की भेंट चढ़ गया है। इस गांव में इस योजना के अधीन बीपीएल उपभोक्ता को बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। वहीं कनेक्शन देने के एवज में बिचौलिया द्वारा अवैध रुप से पैसा वसूली की जा रही है।

गांव के उदय राय बताते हैं कि प्रत्येक कनेक्शन के लिए मध्यस्थ द्वारा 30 रुपए की अवैध वसूली की जा रही है।

ग्रामीण पुलिस संघ ने डीसी को ज्ञापन सौंपा

दुमका। झारखंड ग्रामीण पुलिस संघ ने 5 सूत्री मांगपत्र उपायुक्त को सौंपा है। ग्रामीण पुलिस संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रथम एसीपी योजना का लाभ शीघ्र देने, थाने की उपस्थिति पंजी में स्वयं उपस्थिति दर्ज करने के सरकारी आदेश को सख्ती से अनुपालन करने, ग्रामीण पुलिस को अन्य उग्रवादग्रस्त थानों में डय़ूटी में नहीं भेजने, वर्दी के जगह पर नगद राशि देने, वर्तमान में खरीदे गए वर्दी का कपड़ा ही सभी अंचल को देने एवं प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी ग्रामीण पुलिसों को ठहराव भत्ता देने की मांग की है।

ज्ञापन देने वालों में ग्रामीण पुलिस संघ के प्रमंडलीय अध्यक्ष मनोज कुमार एवं जिला अध्यक्ष मो.फिरोज अंसारी शामिल थे।

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