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विकलांगों को 10 माह से नहीं मिला पेंशन

दुमका/ प्रतिनिधि। विकलांग सेवा समिति की बैठक यहां चिल्ड्रेन पार्क में सचिव विजेन्द्र प्रसाद साह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें विभिन्न प्रखंडों से आए सदस्य शामिल हुए। बैठक में सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय द्वारा नि:शक्त छात्र-छात्राओं को बीएड की शिक्षा दिए जाने के लिए खुशी जाहिर की गई। इसके लिए विकलांगों ने कुलपति को धन्यवाद दिया।

बैठक में चर्चा की गई कि यदि इसी तरह विकलांगों को समय-समय पर आरक्षण दिया जाएं, तो विकलांगों को अपना हक मिलेगा। यह भी चर्चा की गई कि प्रखंडों में विकलांगों को पेंशन पाने में काफी असुविधा होती है। उन्हें पेंशन के लिए प्रखंड से बैंक और बैंक से प्रखंड तक का चक्कर लगाना पड़ता है। उन्हें बताया जाता है कि आपका पेंशन ऑनलाइन कर दिया गया है, जबकि जिला में पता चलता है कि ऑनलाइन में नाम नहीं है।

ऐसे में विकलांगों को दस महीने से पेंशन नहीं मिल रहा है। विकलांगों का कहना है कि यदि बकाया पेंशन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे बाध्य होकर आंदोलन की राह अपनाएंगे। बैठक में प्रियतम कुमार सिंह, अनुप कुमार दास, संतोष कुमार साह, निता कुमारी, जयन्त कुमार महतो, मालती हेम्ब्रम, बाबूलाल केवट, अरविन्द कुमार साधु, सुनीता बेसरा, अरविंद मुर्म, संतोष कुमार मंडल, बाबूलाल सोरेन, मुनी सोरेन आदि शामिल हुए।

शिक्षक संघ ने आरडीडीई को सौंपा ज्ञापन, मिड डे मील योजना से मुक्त हों शिक्षक

दुमका/प्रतिनिधि। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों की लंबित समस्याओं के निदान के संबंध में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा है। संघ के प्रमंडलीय सचिव माधव चन्द्र महतो ने ज्ञापन में कहा है कि प्रमंडल के सभी जिलों में अद्यतन प्रोन्नति दी गई है।

अलग-अलग जिलों में प्रोन्नति तिथि में अंतर होने के कारण एक ही साथ नियुक्त शिक्षकों के वेतनमान में काफी अंतर हो गया है। महतो ने कहा है कि मध्याह्न् भोजन योजना छात्रों के छीजन को रोकने में सहायक होने के बावजूद पठन-पाठन प्रक्रिया प्रभावित कर रही है।

शिक्षकों को इस योजना से पूर्णतया मुक्त रखने से ही पठन-पाठन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सकती है। इसलिए शिक्षकों को इस योजना से मुक्त कर निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि को योजना सुपुर्द कर दी जाए। साथ ही इसके आर्थिक संचालन तथा सभी तरह की रिपोर्ट की जिम्मेवारी से भी शिक्षकों को मुक्त किया जाए।

ज्ञापन में दुमका, साहिबगंज, पाकुड़ जिलों की 15 दिनों के अंदर ग्रेड चार में प्रोन्नति हेतु नियमानुकूल स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की अंतिम वरीयता सूची का प्रकाशन करने की मांग की गई है। साथ ही प्लस दो उच्च विद्यालय में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को प्रतिनियोजन भत्ता देने, शिक्षिकाओं को यथासंभव अपने निवास स्थान के आसपास पदस्थापित करने तथा सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की सूची एक माह पहले तैयार कर सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी तरह का भुगतान कर देने की मांग की गई है।

आपदा प्रबंधन पर कार्यक्रम आयोजित

रानेश्वर। सिदो कान्हु हाईस्कूल, पलासडंगाल रघुनाथपुर में बुधवार को स्कूली छात्रों ने आपदा प्रबंधन को लेकर कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान कृत्रिम रूप से निर्मित घर में आग लग जाने के पश्चात उसका मुकाबला करने का बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं रास्ता पार करने के लिए ट्रॉफिक नियम की जानकारी दी। साथ ही भूकंप पीड़ितों को प्राथमिक उपचार आतंकवाद आक्रमण, हेलीकॉप्टर क्रास आदि आपदा प्रबंधन पर बेहतर कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

मौके पर स्कूल के प्राचार्य के अलावे अन्य शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने की शिक्षक को हटाने की मांग

रानेश्वर/प्रतिनिधि। प्रखंड के बिलकांदी पंचायत के शामपुर गांव के शिक्षा समिति के सदस्य, माता समिति एवं ग्रामीणों के संयुक्त हस्ताक्षर युक्त एक आवेदन बीईईओ के माध्यम से बीडीओ गौतम कुमार भगत को सौंपा गया है। आवेदन के आलोक में कहा गया है कि शामपुर मध्य विद्यालय में अशोक यादव 14 वर्षो से जमे हुए हैं।

विद्यालय की पठन-पाठन व्यवस्था यादव की मनमानी से चौपट हो गई है। यादव शिक्षण कार्य से ज्यादा ठेकेदारी कार्य को महत्व देते हैं। स्कूल भवन को रोड ठेकेदार के गोदाम घर में तब्दील कर दिया है। वहीं ठेकेदार का मुंशी मैनेजर के ठहरने का प्रबंध भी स्कूल भवन में कर दिया गया है।

आवेदन में कहा गया है कि यादव महीने में एक दो दिन स्कूल पहुंचकर पूरे महीने की हाजिरी बना देते हैं। साथ ही यहां की मिड डे मील भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। स्थानीय लोगों ने अविलंब यादव को इस स्कूल से हटाने की मांग की है।

बिना आमसभा का प्रबंधन समिति का गठन

रानेश्वर। प्रखंड के सभी गांव में आम सभा के माध्यम से आंगनबाड़ी प्रबंधन समिति का गठन किया जाना है। लेकिन प्रबंधन समिति का गठन गुपचुप तरीके से होने को लेकर तरसकाटा गांव के ग्रामीणों ने बीडीओ गौतम कुमार भगत को एक आवेदन सौंपा है।

आवेदन के आलोक में कहा गया है कि इस गांव के ग्राम प्रधान एवं मुखिया गुपचुप तरीके से आंगनबाड़ी केन्द्र की प्रबंधन समिति का गठन कर दिया है। जबकि समिति गठन के लिए आमसभा नहीं बुलाई गई थी। इधर, बीडीओ गौतम कुमार भगत ने आवेदन को गंभीरता से लिया है। सभी प्रबंधन समिति गठन को लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

3 महीने से नहीं मिला वेतन

रानेश्वर। अंचल कार्यालय में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी को पिछले तीन महीने से वेतन भुगतान नहीं हुआ है। लिहाजा कर्मचारी के परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इधर, राजस्व कर्मचारी कार्यालय की इस हरकत पर कड़ा एतराज व्यक्त किया है।

साथ ही बताया है कि आवंटन रहने के बावजूद कार्यालय की उपेक्षापूर्ण रवैये से राजस्व कर्मचारी के समक्ष यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

आदेश के एक साल बाद भी नहीं सौंपा प्रभार

रानेश्वर। बीडीओ गौतम कुमार भगत के आदेश को धता बताकर यहां एक पंचायत सेवक वर्षो से पाटजोड़ एवं पाथरा पंचायत में जमे हुए हैं। भगत ने 12 मार्च 2010 को पत्रांक 266 निर्गत कर पाथरा का प्रभार नांगल सोरेन को सौंपने का आदेश पंचायत सेवक केशव मांझी को दिया था, लेकिन पिछले छह साल से जमे पंचायत सेवक मांझी ने सोरेन को प्रभार सौंपने से इनकार कर दिया।

आदेश दिए जाने के एक साल बाद भी मांझी द्वारा प्रभार नहीं सौंपे जाने को बीडीओ ने गंभीरता से लिया है। अंत में मांझी का वेतन बंद कर दिया गया है।

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