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नवादा सदर अस्पताल में बना शादी मंडप

नवादा विनय कुमार पांडेय। सदर अस्पताल के यक्ष्मा विभाग का गलियारा उस वक्त एक आदर्श विवाह का गवाह बन गया जब अमलेश ने बुलबुल की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपना जीवन साथी बना लिया। इस अनोखी शादी में दूल्हा-दुल्हन पक्ष के परिवार न सिर्फ शरीक हुए बल्कि शादी की तमाम रस्में भी निभाईं।

ब्राह्मण ने वैदिक मंत्रों से इस शादी को पवित्र रिश्ते में बांधा। महिलाओं ने शादी के गीते गाये। इस दौरान अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद थे। गौरतलब है कि बीते सोमवार को अकबरपुर प्रखंड के दुधैली में सिलेंडर फटने से बुलबुल (दुल्हन) समेत उसके परिवार के चार अन्य सदस्य बुरी तरह से जख्मी हो गये थे।

इसी दिन बुलबुल के पिता विनोद सिंह अपनी बिटिया की शादी को लेकर दूल्हा पक्ष के घर तिलक की रस्म अदायगी के लिए गये हुए थे। बुलबुल के घर में जब आग लगी तब घर में कोई भी पुरुष सदस्य मौजूद नहीं थे। इस घटना में बुलबुल का चेहरा बुरी तरह झुलस गया था। घटना के बाद दूल्हे के पिता ने शादी की तारीख आगे बढ़ाने को कहा था, लेकिन दूल्हा अमलेश ने साहसिक निर्णय लेते हुए पूर्व निर्धारित शादी की तारीख 13 मई को ही करने का निर्णय लिया।

बस क्या था, दूल्हा अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंचकर बुलबुल के साथ शादी रचाई। अस्पताल में हुई यह सामाजिक शादी पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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