DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

उड़ीसा गए दल में से एक बिरहोर गुम

गिरिडीह प्रतिनिधि। गिरिडीह से भुवनेश्वर गए 50 लोगों में से एक सदस्य गुम हो गया है। गुम होनेवाले व्यक्ति का नाम चतुर बिरहोर बताया जा रहा है और उसकी उम्र करीब 36-37 साल है। चतुर बिरहोर लुप्तप्राय आदिम जनजाति का है। डीसी वंदना डाडेल ने बताया कि उन्हें भी इसकी जानकारी है। पर जैसे ही पता चला कि वह व्यस्क है और अपने गांव में फोन किया है तो उन्हें संतोष हुआ कि वह सुरक्षित है।

संभवत: वह गांव लौट आया है। टीम पता लगाने के लिए गई है। दरअसल जहां उन्हें टीम के साथ ले जाया गया था वहां उसे मन नहीं लग रहा था। समझा जाता है कि इसी कारण उन्होंने दल को छोड़ दिया। मालूम हो कि 7 मई को वाटर इरिगेशन एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की ओर से 50 लोगों को गिरिडीह से उड़ीसा के भुवनेश्वर जिला स्थित बरहमुंडा भेजा गया था।

इस दल में 23 लोग बिरहोर थे। 12 मई को टीम गिरिडीह लौटी। इसमें चतुर बिरहोर नहीं है। बिरहोर सदस्यों को अन्य लोगों के साथ इस उद्देश्य से भेजा गया था कि वे आम लोगों से घुलेंगे-मिलेंगे और कृषि, सिंचाई आदि सीखेंगे। बता दें कि बिरहोर झारखंड के उन आदिम जनजातियों में से है, जिनकी संख्या कुछ ही इलाकों में गिनती भर शेष है।

गिरिडीह जिले के बगोदर, सरिया प्रखंड के पांच टंडाओं में ये आज भी निवास करते हैं। वे आज भी आदिम जनजाति की तरह रहते हैं। उनके उत्थान के लिए जिला प्रशासन ने सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर कई सार्थक कोशिश शुरू की है। यही वजह है कि अब बिरहोर बच्चों स्कूल जाने लगे हैं और वहां के लोग समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:उड़ीसा गए दल में से एक बिरहोर गुम