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अब आसान नहीं परीक्षा अभिलेखों से छेड़छाड़

वाराणसी कार्यालय संवाददाता। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में परीक्षा सम्बन्धी अभिलेखों में छेड़छाड़ अब आसान नहीं होगी। इसे रोकने के लिए विवि प्रशासन ने क्रॉसलिस्ट कुलपति कार्यालय में ही रखने का फैसला लिया है। यह फैसला परीक्षा समिति की संस्तुति पर किया गया।

गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि 2011 व उसके बाद की परीक्षाओं के सभी पाठ्यक्रमों के रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद प्रतिखंड और कक्षाओं की क्रॉसलिस्ट अनिवार्य रूप से कम्प्यूटर सेंटर से निकाली जाएगी। अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद उसे सील कराकर कुलपति कार्यालय में रखा जाएगा। जिससे किसी संदिग्ध प्रकरण के आने पर इस प्रति से नाम, पिता का नाम, विषय, वर्ष एवं संस्था का मिलान किया जाएगा।

परीक्षा विभाग के अभिलेखों में (प्रथम और द्वितीय) में लम्बे समय से सम्बन्धित कर्मचारियों व अधिकारियों के हस्ताक्षर न करने की परम्परा है। जिससे क्रॉसलिस्ट के पन्ने बदलने, प्रथम व द्वितीय खंड किए बिना सीधे अंतिम वर्ष से पास कराने एवं फॉर्म लगाने की घटनाएं होती हैं। इसलिए तय हुआ कि क्रॉसलिस्ट के प्रत्येक पृष्ठ पर 6 कर्मचारियों का पदनाम मुद्रित कर उनसे हस्ताक्षर कराया जाएगा।

पूर्व में यह देखने को मिला है कि परीक्षा फॉर्म सीधे पटल सहायक जमा कर लेते हैं। कॉलेजों को इसके बारे में जानकारी नहीं रहती। कॉलेज के अभिलेख में ऐसे छात्रों का कोई उल्लेख नहीं रहता है। सत्यापन कराने पर वैधानिक संकट खड़ा हो जाता है।

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