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आंधी व पानी से कोसी में तबाही

पूर्णिया/कटिहार/सुपौल (भागलपुर) हिन्दुस्तान टीम। गुरुवार को अहले सुबह पूर्णिया, कटिहार और सुपौल जिलों में आई आंधी ने एक बार फिर तबाही मचाई। आंधी में तमाम लोगों के कच्चे घर उजड़ गए और खड़ी फसल के अलावा लीची और आम को भी काफी क्षति हुई।

इतना ही नहीं कई स्थानों पर बिजली के तार और पोल टूटने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि सहरसा में आंधी तो नहीं आई लेकिन पानी जमकर बरसा, इससे लोगों को गर्मी से राहत महसूस हुई। भोर में आई आंधी से पूर्णिया में हालांकि बहुत नुकसान नहीं हुआ लेकिन खेतों मे खड़ी मकई की फसल लगभग बर्बाद हो गईं।

कई स्थानों पर बिजली के पोल गिर गये तो कई गांवों में फूस और टाट के बने घर तेज हवा के शिकार हो गये। नुकसान आम और लीची के उन वृक्षों का भी हुआ जिनमें फलन नहीं हुआ था। शहर के कई मुहल्लों में आंधी से तार गिर जाने से बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है।

कटिहार जिले के कदवा, आजमनगर, डंडखोरा, बलरामपुर, बारसोई प्रखंड में आंधी से व्यापक नुकसान की सूचना है। दर्जनों फूस के घर गिर गए और टिन के घरों के छप्पर उड़ गए। आंधी से लाखों की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। आंधी पानी से खेतों में खड़ी मक्का, गरमा धान की फसल तथा आम को भारी नुकसान हुआ।

कई स्थानों पर आंधी से कई सड़कों पर पेड़ की डाल गिरने से आवागमन भी बाधित हुआ। सुपौल में आंधी के साथ हुई बारिश से जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा। इससे फसल और लोगों के घरों को भारी क्षति हुई।

सुपौल नगर में जगह-जगह तार टूटने एवं एक पोल के गिरने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गयी है। आंधी का असर ग्रामीण इलाकों में भी जोरदार दिखा। आंधी ने खेतों में लगी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। किसानों के मुताबिक मक्का और सूर्यमुखी को अधिक नुकसान पहुंचा है।

वृक्षों के भी बड़ी संख्या में धराशायी होने की खबर है। इसके अलावा फूस एवं टिन के घरों को भी काफी क्षति हुई।

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