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डाकघरों में ही बनेगा यूनिक आईडी कार्ड

पटना। हिन्दुस्तान प्रतिनिधिअब डाकघरों में ही बनेंगे यूनिक आईडी कार्ड। राजधानी में जून के दूसरे सप्ताह के बाद आईडी कार्ड बनना शुरू हो जाएगा। इसके लिए 16 मई तक नोडल एजेंसी को प्रशिक्षण दे दिया जाएगा। अगर सभी कागजात सही रहे तो लोगों को 15 से 20 दिनों के अंदर आईडी कार्ड बनाकर दे दिया जाएगा।

शुरूआती दौर में 300 डाकघरों में यह काम शुरु होगा। इसके बाद इसे सूबे के 1100 डाकघरों में लागू कर दिया जाएगा और फिर राज्य के सभी 9 हजार डाकघरों में आईडी बनेंगे। इसके लिए लोगों को फार्म भी डाकघरों में ही जमा करना होगा। केन्द्र सरकार ने आईडी कार्ड बनाने के लिए पूरे देश में 68 एजेंसियों को जिम्मा दिया है जिसमें डाकघर भी शामिल है।

डाक विभाग इसमें रजिस्ट्रार की भूमिका निभाएगा। डाक विभाग ने हैदराबाद की कंपनी आईडी सोल्यूशन को चयनित किया है। आईडी दो तरह से बनेंगे- आवेदक डॉक्यूमेंट्स या इंट्रोड्यूसर के डॉक्यूमेंट्स के आधार पर। 5 साल में पूरे देश में 60 करोड़ कार्ड बनाने हैं। कार्ड का नाम ‘आधार’ दिया गया है। कार्ड में सीरियल नंबर नहीं है।

रजिस्ट्रेशन से लेकर प्रिंटिंग, डिस्पैच आदि का काम डाक विभाग कर रहा है। कोलकाता जीपीओ में प्रिंटिंग का काम हो रहा है। डाक विभाग एक कार्ड के प्रिंटिंग व डिस्पैच पर सरकार से 22 रुपए ले रहा है। इसमें 20 रुपए प्रिटिंग व डिस्पैच के लिए तो 2 रुपए पैकेजिंग के लिए लिया जा रहा है।

देश में अभी तक सबसे ज्यादा कार्ड आंध्रप्रदेश व कर्नाटक में बने है। बांकीपुर डाकघर के वरीय डाक अधीक्षक नारायण झा ने बताया कि राजधानी में 20 डाकघरों का चयन हुआ है।

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