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फलदायक रही प्रधानमंत्री की यात्रा

भारत-मलेशिया के बीच गर्मजोशी भरे हैं संबंध
पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के रक्षा संबंधों में खासी गर्मजोशी आई है। भारतीय वायुसेना ने कुछ समय पहले मलेशियाई पायलटों को प्रशिक्षण भी दिया था। 27 अक्टूबर को भारत ने प्रधानमंत्री की मलेशिया यात्रा के दौरान मलेशिया के साथ व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीका) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का क्षेत्र आसियान समझौते से भी ज्यादा विस्तृत है। सीका जुलाई 2011 से अमल में आएगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अनुमान है कि 2015तक भारत और मलेशिया के बीच सालाना व्यापार 15 अरब डालर तक पहुच जाएगा। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता हुआ है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश पर किसी तरह का कोई नियंत्रण नहीं होगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने  देश के आधारभूत ढांचे और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी मलेशिया को निवेश के लिए आमंत्रित कर उसका स्वागत करने की बात कही है। इसके साथ प्रधानमंत्री के इस दौरे में दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग और सूचनाएं साझा करने के लिए संयुक्त कार्यसमूह गठित करने का फैसला भी किया गया।

भारत-जापान मिलकर करेंगे कई क्षेत्रों में सहयोग
जापान भारत का पुराना सहयोगी है और परमाणु बम का शिकार होने वाला दुनिया का एकमात्र देश भी। एशिया और दुनिया में चीन के बढ़ते वर्चस्व के बीच दोनों देशों को अपने पुराने संबंध प्रगाढ़ करने की जरूरत है। फिलहाल भारत ने न तो एनपीटी पर दस्तखत किए हैं और न ही सीटीबीटी पर, जबकि जापान चाहता है कि भारत इस पर दस्तखत करे। मनमोहन सिंह की इस सप्ताह की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने तय किया कि वे नाभिकीय ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए एक दूसरे के साझीदार बनेंगे। जहां तक व्यापारिक रिश्तों का सवाल है, 2012 तक भारत और जापान के बीच 20 अरब डॉलर का व्यापार पार करने की उम्मीद है। दोनों देशों ने एक दूसरे के नागरिकों के लिए वीजा प्रणाली में सुधार करने का फैसला भी किया है। दोनों देशों ने समग्र आर्थिक सहयोंग समझौते (सीपा) पर पहले ही सहमत हो चुके हैं। फिलहाल उनके बीच मैन्युफैक्चरिंग साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। भारत और जापान शिक्षा, विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर राजी हो गए हैं।

सकारात्मक संकेत यहां भी
चीनी समकक्ष वेन जियाबाओ की हनोई में हुई मुलाकात ने चीनी प्रधानमंत्री के आगामी भारत दौरे से पहले दोनों देशों के बीच सकारात्मक संबंधों के संकेत दिए। दोनों नेताओं की मुलाकात में सीमा विवाद के न्यायपूर्ण एवं तार्किक समाधान तलाशने पर सहमति बनी। वियतनाम के प्रधानमंत्री नगुयेंग तान दूंग के अलावा प्रधानमंत्री वियतनाम के राष्ट्रपति मिन्ह ट्रिएट से भी मिले। 

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