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कैंसर से लोहा लेगा टमाटर

- भारतीय कृषि अनुसंधान के वैज्ञानिकों ने खोजी टमाटर की नई प्रजाति- पेट और फेफड़ाें के कैंसर से बचाता है ‘मेघा टोमैटो-3’- ठंडे तापमान में अच्छी होती है इस टमाटर की पैदावार‘100 ग्राम मेघा टोमैटो-3 में 36.59 मिलीग्राम लाइकोपेन और विटामिन-सी बनाने वाले 2.23 प्रतिशत एसिड पाए जाते हैं।’ : डॉ. बीसी डेका, प्रमुख शोधकर्तानई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों ने टमाटर की एक ऐसी प्रजाति खोज निकाली है, जिसमें मौजूद पोषक तत्व कैंसर जैसी घातक बीमारी की आशंका को कम करने में सक्षम हैं। ‘मेघा टोमैटो-3’ नामक इस प्रजाति में लाइकोपेन की अधिकता पाई गई है, जो बढ़ती उम्र के प्रभाव और पेट एवं फेफड़ाें में कैंसर पैदा करने वाले जीन को रोकने का काम करता है। इस टमाटर के बीज को उत्पादन के लिए जारी कर दिया गया है।अनुसंधान में पाया गया कि ‘मेघा टोमैटो-3’ में ठंड, सूखा और बारिश को ङोलने की अद्भुत क्षमता है। मौसम की बेरुखी से इसके उत्पादन में ज्यादा कमी नहीं आती। इसमें सामान्य टमाटर के मुकाबले बीमारियों से लड़ने की दोगुनी क्षमता पाई गई है। यही कारण है कि ‘मेघा टोमैटो-3’ को उत्तर-पूर्वी राज्यों सहित अन्य हिमालयी राज्यों के लिए बेहद लाभकारी बताया गया है। अनुसंधान से जुड़े शिलांग (उमियाम) उद्यान विभाग के प्रमुख डॉ. बीसी डेका ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि यह प्रजाति परंपरागत फसल की तरह काम करती है, लेकिन इसका उत्पादन हाईब्रिड टमाटर के बराबर है। किसानों ने इससे प्रति हेक्टेयर 600 कुंतल तक का उत्पादन प्राप्त किया है। चूंकि ‘मेघा टोमैटो-3’ परंपरागत टमाटरों की मदद से तैयार किए गए हैं, लिहाजा इसके बीजों को हाईब्रिड की तरह बार-बार नहीं खरीदना पड़ता। किसान अपनी ही फसल के बीज तैयार कर सकते हैं।

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