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शहीद का अंतिम दर्शन करने वालों की तांता

दुमका  के ताल पहाड़ी जंगल में पुलिस और माओवादियों के बीच 10 सितम्बर को हुई मुठभेड़ में शहीद हुए रोहतास जिलान्तर्गत सीड़ी ओपी के भोखरी निवासी पूर्व मुखिया हरिगोविंद सिंह के पुत्र एसआई शतानंद सिंह का शव पहुंचते ही गांव सहित इलाके का माहौल दु:खद हो गया।

शहीद के अन्तिम दर्शन करने वालों का तांता सा लग गया। कोई रूमाल से आंखों का आंसू पोछते हुए किनारे खड़ा हो रहा था तो कोई माओवादियों के इस हरकत को शर्मशार की संज्ञा दे रहा था। सबकी आंखे बहादुर शहीद के अंतिम संस्कार के समय शत्-शत् नमन के लिए टिकी थी।

इंस्पेक्टर राज कुमार सिंह करगहर थानाध्यक्ष संजय कुमार झा, सीडी ओपी प्रभारी महेश प्रसाद ने गार्ड ऑफ ऑनर तथा जवानों ने शोक शस्त्र की सलामी दी। तत्पश्चात शहीद के बड़े पुत्र अमरेश सिंह ने मुखाग्नि देकर दाह संस्कार किया।

उपस्थित ग्रामीणों सहित विधान पार्षद श्रीकृष्ण सिंह, रामेश्वर चौरसिया, शेखर पासवान, युवा नेता विजय सिंह की आंखे छलक गयी। बहादुर शहीद बेटे की चिता को धू-धू कर जलते देख पिता हरिगोविंद सिंह फफक कर रो पड़े। शहीद सतानंद सिंह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र एवं दो पुत्रियों को छोड़ गये हैं।

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