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कॉलेजों में फिर दाखिले का दौर शुरू

पटना। युवा रिपोर्टर

राजधानी के कॉलेजों में बुधवार से एडमिशन का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। खास कर इंटरमीडिएट में एडमिशन के लिए कॉलेजों में लंबी कतारें लगी रहीं। एएन कॉलेज में पीएनबी के काउंटर पर तो कई बार हाथापाई होते-होते बच गई। छात्रों में कॉलेज में पहला कदम रखने का रोमांच तो था ही भीड़ के कारण थोड़ी परेशानी का भी सामना करना पड़ा। दाखिले के लिए आए अमित घोष कहते हैं और काउंटर होते तो परेशानी कम होती। वहीं रुचिका कहती हैं मुङो तो इसमें भी मजा आया। सब कुछ रुटीन जैसा होता है तो मजा नहीं आता है। इसलिए कुछ तो सरप्राइज होना ही चाहिए। एएन कॉलेज में सैकड़ों छात्रों ने एड़ािशन लिया। बुधवार को एड़ािशन का पहला दिन था। इसमें से 102 गणित, 18 जीवविज्ञान और 50 आर्ट में एड़ािशन हुआ। गणित की 600 सीटों के लिए 4000 आवेदन आए, जीवविज्ञान में 400 सीटों के लिए 400 ही आवेदन आए। जबकि आर्ट में सीटें 1000 है वहीं आवेदन मात्र 500 ही आए। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि आर्ट्स में सीटें भरना मुश्किल है। हालांकि यह केवल इस वर्ष की बात नहीं है। प्रत्येक साल आर्ट्स में सीटें खाली रह ही जाती हैं। ऐसा तब है जबकि दूसरी कट ऑफ लिस्ट निकलना बाकी है। अभी राजधानी के लगभग कॉलेजों में एड़ािशन का दौर चल रहा है। पटना विश्वविद्यालय के कॉलेजों में भी ग्रेजुएशन में दाखिला चल रहा है। सबसे दिलचस्प यह है कि हर कॉलेज में आर्ट्स में दाखिले को लेकर छात्रों में उत्साह नहीं है। बीएन कॉलेज के प्राचार्य राजकिशोर प्रसाद कहते हैं यदि इंटरमीडियट आर्ट्स के प्रति लोगों का रुझान कम हो रहा है तो यों ही नहीं है। इसके पर्याप्त कारण मौजूद है। जो छात्र साइंस में इंटरमीडिएट करते हैं उनके पास कॅरियर के ज्यादा विकल्प होते हैं। एक फायदा यह भी मिलता है कि ग्रेजुएशन किसी भी विषय में कर सकते हैं। साइंस में अंक भी ज्यादा मिलते हैं। अब ऐसी स्थिति में कौन आर्ट्स में दिलचस्पी लेगा।

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