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ग्रीन हंट का खामियाजा भुगतेगा बिहार! झारखण्ड में ऑपरेशन के चलते

पटना(हि.ब्यू.)। माओवादियों के प्रभाव को कम करने के लिए शुरू ऑपरेशन ग्रीन हंट का खामियाजा बिहार भुगतेगा! झारखण्ड सहित अन्य राज्यों में केन्द्र सरकार के निर्देश पर ऑपरेशन शुरू होने के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि बिहार माओवादियों के लिए सेफ जोन बनकर उभरेगा। केन्द्र ने बिहार को फिलहाल इस ऑपरेशन के दायरे से बाहर रखा है। लिहाजा झारखण्ड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल व छत्तीसगढ़ से जुड़ी सीमाएं बिहार में माओवादियों के प्रवेश का रास्ता प्रशस्त करेंगी। राज्य पुलिस भी यह मान रही है कि झारखण्ड में माओवादियों पर दबाव बढ़ा तो बिहार के गिरिडीह से जुड़ी सीमाओं से माओवादियों के प्रवेश की गुंजाइश बढ़ेगी। पहले भी बिहार में नक्सली घटनाओं को अंजाम देकर निकलने के लिए माओवादी इस रास्ते का इस्तेमाल करते रहे हैं। नक्सल ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों की मानें तो फिलहाल झारखण्ड में चल रहे ऑपरेशन का केन्द्र उड़ीसा और पश्चिम बंगाल की सीमाएं हैं। लेकिन धीरे-धीरे इसका विस्तार होगा। ऐसे में बिहार में भी उनके घुसपैठ की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। पहले भी यह बात सामने आयी है कि ग्रीन हंट ऑपरेशन की आहट पाते ही अन्य राज्यों से विस्फोटकों की खेप बिहार लायी जाती रही है। कहा यह भी गया है कि माओवादी बिहार को विस्फोटकों का डिपो बना रहे हैं। पिछले दिनों ऐसी ही सूचना पर चलाए गए ऑपरेशन में पटना से लेकर झारखण्ड तक में सैंकड़ों किलो विस्फोटक और हजारों गोलियां पुलिस के हाथ लगीं। राज्य पुलिस मुख्यालय के अनुसार झारखण्ड में ऑपरेशन को देखते हुए फिलहाल बिहार-झारखण्ड की सीमाओं पर सीआरपीएफ की 11 कंपनियां लगायी गयी हैं।

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  • Web Title: ग्रीन हंट का खामियाजा भुगतेगा बिहार! झारखण्ड में ऑपरेशन के चलते