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न कोई नियम व परिनियम और धड़ाधड़ लग रहे मोबाइल

िहन्दुस्तान प्रितिनिध पटना। न कोई िनयम व पिरिनयम और अपार्टमेंट पर धड़ल्ले से लग रहे हैं मोबाइल टावर। राजधानी के अिधसंख्य अपार्टमेंटों की छतों पर किसी न किसी मोबाइल कंपनी का टावर लगे हैं। टावर को लगवाने में अपार्टमेंट मािलकों को भी जेबें ढीली करनी पड़ती हैं। िबना चढ़ावा के किसी भी अपार्टमेंट पर टावर नहीं लगा और इसमें मोबाइल कंपनी के इंजीिनयरों की चांदी रही। लेकिन टावर लगाने से पहले न तोजिंला प्रशासन की अनुमित ली गई और न ही नगर िनगम व एयरपोर्ट अथॉिरटी की। नतीजतन एयरवे के िलए िनर्धािरत ऊंचाई से अिधक ऊंचे हैं मोबाइल टावर। पिरणाम यह हुआ कि मोबाइल कंपिनयां बेरोकटोक अपार्टमेंटों पर टावर लगा रहे हैं। मोबाइल कंपिनयों के अिधकािरयों ने बताया कि अपार्टमेंट पर टावर लगाने के पहले सर्वे किया जाता है। सर्वे के बाद अगर िवभाग को लगता है कि यहां टावर लगाना जरूरी है तो टावर लगाया जाता है। दरअसल शहर की जमीन इतनी कीमती है कि कोई भी मािलक टावर गाड़ने के िलए जमीन देने को तैयार नहीं है। इसिलए बीएसएनएल सिहत सभी मोबाइल कंपिनयों ने योजना बनाई कि अपार्टमेंटों पर मोबाइल टावर की संख्या में बढ़ाेतरी की जाए।

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