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कंड़ा बसों पर नए ड्राइवरों का टेस्ट

-चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग का कारनामाअश्वनी कुमार चंडीगढ़।चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग में कंड़ा बसों पर नए ड्राइवरों का टेस्ट लिया जा रहा है। हैरत की बात यह है कि यह ड्राइविंग टेस्ट सीटीयू में जल्द ही होने वाली ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा है। बावजूद इसके इन ड्राइवरों की काबलियत को कंड़ा बसों के जरिए परखा जा रहा है।चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग में जल्द ही करीब 110 ड्राइवरों की भर्ती होनी है। इसके लिए हाल ही में आवेदन मांगे गए थे। आवेदनों की जांच के बाद अब आवेदकों से ड्राइविंग टेस्ट लिया जा रहा है ताकि इस बात का पता चल सके कि ड्राइवर की भर्ती के लिए आए आवेदक बस चलाने में कितने योग्य हैं।कायदे से टेस्ट ड्राइविंग के लिए आमतौर पर ऐसी बस का इस्तेमाल किया जाता है, जो तकनीकी तौर पर सही हो और जिनकी तय समयावधि पूरी न हुई है। बाकायदा, टेस्ट से पहले वर्कशॉप के कर्मचारी बस की जांच करते हैं ताकि यह पुख्ता हो सके कि बस में कोई कमी-बेशी नहीं है।यह अलग बात है कि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग में इन सभी नियमों को सरेआम अवहेलना की जा रही है। ड्राइविंग टेस्ट ऐसी बसों पर लिया जा रहा है, जो स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से निर्धारित आठ साल की अवधि पूरी कर चुकी हैं। और तो और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने इन्हें पास करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में, पहले से ही कंड़ा करार दी जा चुकी बसों पर नए ड्राइवरों के टेस्ट पर सवाल तो खड़ा हो ही रहा है। उसपर सबसे बड़े सवाल नए ड्राइवरों की काबिलयत पर खड़ा हो रहा है। आवेदक मानते हैं कि निर्धारित समयावधि पार कर चुकी बसें उनके लिए टेस्ट को कठिन तो कर ही रही हैं। साथ ही, उनके फेल होने का भी मुख्य कारण बन रही हैं। फिट बस पर होना चाहिए टेस्टचंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग की कर्मचारी यूनियन के महासचिव राजकुमार मानते हैं कि ड्राइवरों की भर्ती के लिए होने वाला ड्राइविंग टेस्ट एकदम फिट बस पर होना चाहिए। राजकुमार के मुताबिक अगर ड्राइविंग कंड़ा बसों या निश्चित समयावधि पूरी कर चुकी बसों पर हो रहा है तो वह गलत है। सबसे खास बात यह है कि इन बसों पर टेस्ट लेने से नए ड्राइवर की योग्यता को परखा ही नहीं जा सकता।8824 बस को फरवरी में किया गया कंड़ाहिन्दुस्तान की टीम जब टेस्ट ड्राइविंग वाली जगह पहुंची तो पाया गया कि नए ड्राइवरों का टेस्ट उन बसों पर लिया जा रहा है, जो एक महीना पहले ही स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से निर्धारित आठ साल की समय सीमा पूरी कर चुकी हैं और इन्हें रूट पर चलने पर पाबंदी लगा दी गई है। बस संख्या 8824 भी उन्हीं बसों में एक है, जिसे 23 फरवरी 2010 को कंड़ा करार दिया गया है।कोट्सनए ड्राइवरों की भर्ती नियमों के मुताबिक हो रही है। जहां तक सवाल कंड़ा बसों पर ड्राइविंग टेस्ट की बात है तो यह बसें एकदम फिट है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने बेशक इन्हें पास नहीं किया है लेकिन इन्हें कंड़ा नहीं कहा जा सकता। बसें फिट हैं, इसलिए इनपर ड्राइविंग टेस्ट लिया जा रहा है।-रविंदर पाठक, जनरल मैनेजर, सीटीयू

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  • Web Title: कंड़ा बसों पर नए ड्राइवरों का टेस्ट