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अलग-अलग प्रदेश पर रंग एक

िनज संवाददाता लखनऊरैली में कार्यकाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। खासतौर से कुमाऊँ मण्डल के जागृित जत्थे का। अल्मोड़ा से आए भुवन के दल में कलाकार ढोल, दमऊ, नगाड़ा, तुरी, मशक बीन और झांझ िलए हुए थे। पारम्पिरक सतरंगी वेशभूषा के साथ नाचते गाते कलाकारों ने हर एक का ध्यान खींचा।महाराष्ट्र से आए मिहला दल में मिहलाओं ने मराठी परम्परा में साड़ी पहनी थी तो राजस्थानी जत्थे ने राजस्थानी पगड़ी, वहीं पंजाब से आए कार्यकर्ताओं के हाथ में कृपाण था।अपने उत्साह को िदखाने के िलए किसी कार्यकर्ता ने नीली साड़ी पहन रखी थी तो किसी ने नीली सलवार के साथ सफेद कमीज। सर पर नीली टोिपयाँ और गले में नीले गमछे भी खूब िदखे। नीला रंग छाते से लेकर महँगी गािड़यों तक में िदखा।

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  • Web Title: अलग-अलग प्रदेश पर रंग एक