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पुलिस हमले की न्यायकि जांच हो : कुलदीप गाडिम्यां तोड़ने के

कार्यालय संवाददाताचंडीगढ़। शुक्रवार के हंगामें के बाद हरियाणा जनहित कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने प्रमुख कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व में फिर चंडीगढ़ पहुंचे। सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत धरने पर बैठ गए। इस दौरान कुलदीप बिश्नोई ने पुलिस की ओर से किए गए हमले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही गाडिम्यों के टूटने के एवज में पांच करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की। पार्टी की ओर से कहा गया कि पुलिस ने रैली ग्राउंड में घुसकर पिटाई की है जो कि कानून के खिलाफ है। पार्टी की ओर से 11 नेता सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठे थे। मंगलवार को भी 11 कार्यकर्ता यहां क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। यह हड़ताल तब तक चलेगी जब तक विधान सभा का सत्र चलेगा। हालांकि शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद प्रशासन की ओर से धरने को दी गई अनुमति को खरिज कर दिया गया है। इस बात पर पार्टी का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई लिखित आदेश नहीं मिला है और वे पीछे नहीं हटेंगे। पार्टी प्रमुख के अनुसार वे न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और यह एक लोकतंत्र है। उन्हें रोका नहीं जा सकता। वे फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार हैं लेकिन सच की लड़ाई नहीं छोड़ेंगे। इस बीच पार्टी की ओर से पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल पर भी आरोप लगाया गया। पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोमवार को उन्होंने मिलने का समय दिया था लेकिन बिना किसी वजह के उसे टाल दिया गया है। यह दर्शाता है कि राज्यपाल का पद भी प्रभावित है। कुलदीप ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं की एक हजार से ज्यादा गाडिम्यां तोड़ दी गई हैं। उन्हें काफी नुकसान हुआ है और इसका मुआवजा देना होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मामले की जांच पुलिस के पास ही है ऐसे में न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने मजिस्ट्रेट जांच कराने को कहा। उनका कहना था कि कांग्रेस ने यूटी पुलिस का इस्तेमाल मोहरे के रूप में किया है। हरियाणा और केंद्र की कांग्रेस सरकार ने यह साजिश उनकी पार्टी के खिलाफ की है।

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