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बदलाव के नाम रही आईआईटी की प्रवेश परीक्षा

रिव प्रकाश ितवारी चंडीगढ़ आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में इस बार काफी कुछ बदलाव रहा। प्रश्नों की संख्या, िनगेिटव मार्किंग और कुछ नए फीचर्स की शुरुआत उल्लेखनीय रही। देश के प्रीिमयर तकनीकी संस्थानों में दािखला लेने के मकसद से रिववार को देश भर में लगभग 4 लाख 82 हजार छात्रों ने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा दी। सात आईआईटी संस्थानों के क्षेत्र में आयोिजत परीक्षा में िपछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग एक लाख छात्र अिधक बैठे। इनमें छात्राओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है। िपछली बार जहां छात्राएं महज 92 हजार के आसपास थी, वह संख्या इस बार लगभग एक लाख 10 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। चंडीगढ़ से 35 परीक्षा केंद्रों पर 8 हजार से अिधक छात्रों ने परीक्षा दी। आईआईटी संस्थानों में लगभग 10 हजार सीटें हैं। पहला पेपर कुछ राहत भरा रहा तो दूसरे ने कसर पूरी कर दी। दूसरे सत्र के प्रश्नपत्र का स्टैंडर्ड अच्छा था।िनगेिटव मार्किंग में उलटफेरपहले पेपर के चार सेटों में से दो ही सेट्स में िनगेिटव मार्किंग का प्रावधान रखा गया। िसंगल आंसर क्वेश्चन और पैराग्राफ क्वेशचन श्रंखला के प्रश्नों की संख्या क्रमश: 8 और 5 थी। सभी प्रश्नों के िलए 3 अंक हैं, उत्तर गलत होने पर एक अंक काटा जाएगा। राहत की बात रही कि िपछली बार जहां मल्टीपल आंसर टाइप प्रश्नों को भी िनगेिटव मार्किंग के तहत रखा गया था, इस बार अलग कर िदया गया। इंटेनजर्स में भी िनगेिटव मार्किंग नहीं रखी गई। इस तरह छात्रों को एक बड़ी राहत िमली।दूसरे पेपर में िबल्कुल बदला सा िनयम लागू किया गया। प्रत्येक प्रश्न के जहां कुल अंक 5 रखे गए, वहीं 2 मार्क्‍स िनगेिटव के रखे गए।पािर्शयल मार्किंग की हुई शुरुआतइस बार एक नया कदम उठाते हुए पािर्शयल मार्किंग की शुरुआत की गई है। इसके तहत अगर किसी प्रश्न के तीन जवाब सही है और छात्र दो पर ही िटक लगाकर आता है, तो उसे पािर्शयल मार्किंग दी जाएगी। यह एक बड़ी राहत है।कुल 489 अंक का रहा पेपरसुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक चले पेपर में कुल 84 (28 गुणा 3) प्रश्न पूछे गए थे, पेपर 252 मार्क्‍स का था, वहीं दूसरे सत्र के पेपर में महज 57 (19 गुणा 3) प्रश्न पूछे गए। दूसरे पेपर में 8-8 अंकों के मैिट्रक्स मैथ्स के दो सवाल पूछे गए। इस तरह दोनों पेपरों को िमलाकर कुल 489 अंकों के प्रश्न पूछे गए।एनसीईआरटी पर आधािरत रहा पेपरछात्रों और िवषय िवशेषज्ञों के अनुसार पेपर एनसीईआरटी िसलेबस पर आधािरत था।जिंन छात्रों ने िसलेबस के आधार पर तैयारी की थी और िवषय को गहनता से पढ़ा था, उसके िलए पेपर आसान था। प्रश्नों ने पूरे िसलेबस को कवर किया हुआ था। पहले सत्र का प्रश्नपत्र पूरी तरह तो नहीं, लेकिन काफी हद तक बोर्ड परीक्षा के स्तर का ही था।जिंन लोगों ने ऑर्गेिनक केमेस्ट्री या इस तरह के िहस्सों को छोड़ा, उनके िलए भारी पड़ा। पहले पेपर में आर्गेिनक केमेस्ट्री से ही पैराग्राफ के सवाल पूछे गए।इनका कहना हैपहले सत्र की परीक्षा में जहां केमेस्ट्री और िफिजक्स के सवाल सामान्य रहे, वहीं गिणत के सवालों ने छात्रों को उलझाए रखा।जिंन छात्रों ने केमेस्ट्री और िफिजक्स के सवाल पहले हल किए, उनका पेपर तो राजी-खुशी बीत गया, लेकिन पहले गिणत के सवालों पर हाथ डालने वालों को परेशानी ङोलनी पड़ी। पहले डेढ़ घंटे गिणत में ही लग जाने से कई छात्रों का िफिजक्स और केमेस्ट्री का पेपर भी फंसा। दूसरा पेपर हॉर्ड तो नहीं, लेकिन स्टैंडर्ड रहा। कैलकुलेशंस ने छात्रों को सोचने और जूझने पर मजबूर किया।प्रो. संगीता खन्ना, िवषय िवशेषज्ञतुलनात्मक तौर पर पहला पेपर दूसरे से आसान था। पहला पेपर जहां बोर्ड परीक्षा पर आधािरत रहा, वहीं दूसरा पेपर ज्यादा टफ था। छात्रों ने भी दूसरे पेपर में परेशानी आने की बात कही। दो अंक के िनगेिटव मार्किंग का भय भी छात्रों के िलए परेशानी भरा रहा। प्रश्नों मे थ्योरी बेस्ड न्यूमेिरकल्स की भरमार है।अनन्या गांगुली, िवषय िवशेषज्ञछात्रों के कोटतैयारी के अनुरूप ही पेपर बीता है। उम्मीद है कि अच्छे अंक िमलेंगे। तैयारी पूरी तरह से एनसीईआरटी िसलेबस के आधार पर की थी, फायदा िमलता िदख रहा है।दीिपका, छात्रातपती गर्मी में घुमाने वाले सवाल और िफर दूसरे पेपर में मैिट्रक मैथ्स को छोड़ दे तो बाकी पेपर ठीक-ठाक ही रहा। पहले पेपर में सवाल तो अिधक थे, लेकिन हमें परेशानी ज्यादा नहीं हुई। दूसरे पेपर में सवाल कम भले ही थे, लेकिन समय कम पड़ा।रमेश कुमार, छात्र

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