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वन क्षेत्र के डाटा की जांच हो- गृह मंत्रालय

चंडीगढ़ के वन क्षेत्र के डाटा की जांच हो- गृह मंत्रालय अमित राय चंडीगढ़। चंडीगढ़ के वन क्षेत्र के डाटा की व्यापक जांच होना चाहिए। यह बात गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में कही गईहै। गृह मंत्रालयन े कहा है कि प्रशासन ने वन क्षेत्र के दावे को लेकर झूठ बोला है। आईटी पार्क का दौरा करते हुए गृह मंत्रालय कीआडिट टीम ने कहा है कि आईटी पार्क इकोलाजिकली संवेदनशील एरिया है और यहां पर खासी हरियाली है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि प्रशासन यह दावा करता है कि प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद वनक्षेत्र 23 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत ह ोगया है जबकि इंडिया स्टेट आफ फारेस्ट रिपोर्ट कहती है कि यह डाटा 24. 56 प्रतिशत है। एफएसआई की रिपोर्ट में कहा गया हैकि फारेस्ट कवर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि फारेस्ट कवर के बारे में कोई सर्वे करने का अधिकार सिर्फ पर्यावरण मंत्रालय को ही है। इसलिए इसके आधार को चुनौती नहीं दी जा सकती है। इसलिए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए डाटा की जांच होना चाहिए। इसलिए यह कहा जासकता है कि चंडीगढ़ का वन क्षेत्र का डाटा अभी भी ज्यों का त्यों हैं। प्रशासन ने यह भी दावा कियाथा कि उसने पिछले साल एक मिलियन पौधे लगाएहैं। रिपोर्टे में कहा गया है कि ऐसा संभव नहीं है इसलिए प्रशासन से पूरी रिपोर्ट मांगना चाहिए।

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