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लैंड अलाटमेंट की पालिसी बदलेगा

लैंड अलाटमेंट के लिए पालिसी बदलेगा चंडीगढ़ नीलामी की जगह होगी अलाटमेंट धार्मिक व संगठनों को होगा फायदा रामकृष्ण उपाध्याय चंडीगढ़। प्रशासन चंडीगढ़ में लैंड अलाटमेंट की पालिसी में संशोधन करने जा रहा है। इसका फायदा सार्वजनिक भवनों, धार्मिक स्थलों और राजनीतिक पार्टियों को हो सकता है जिनके लिए अभी मौजूदा पालिसी में लिमिटेड आक्शन के जरिए ही जमीन मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन ने पालिसी पर विचार करने के लिए अगले हफ्ते में बैठक रखी है। प्रशासन ने आखिरी बार लैंड अलाटमेंट की पालिसी को सन 2008 में तैयार किया था जिसमें इंस्टीट्यूशन अलाटमेंट को लिमिटेड आक्शन के जरिए करने का फैसला किया गया था। चंडीगढ़ में जमीन की कमी को देखते हुए इस पालिसी को तैयार किया था जिसमें हर किसी को चंडीगढ़ में जमीन को लेना बहुत मुशिकल हो गया था। इससे धार्मिक, चैरिटेबल, सांस्कृतिक व स्कूलों के लिए जमीन काआवंटन लिमिटेड आक्शन के जरिए करने का प्रावधान किया गया था। यानि प्रशासन यह तय करता है कि कब नीलामी की जाएगी। जबकि पहले इन संस्थानों को आवेदन करने पर जगह की उपलब्धता पर ही आवंटन हो जाता था। लेकिन नई पालिसी के बाद इन संस्थानों के सामने भी यह मुश्किल आ रही थी। सूत्रों का कहना है कि इन संस्थानों की तरफ से दिए गए रिप्रेजेंटेशन के बाद यह तय किया गया है कि इनके लिए पालिसी को बदल दिया जाएगा। प्रशासन के एक अफसर का कहना है कि इसके आवेदन पर ही फैसला किया जा सकता है। कुछ राजनीतिक दलों ने भी लैंड अलाटमेंट करने की मांग की थी। लेकिन इनके लिए एक दो दी आवेदन आए हैं। इसलिए प्रशानस ने विचार किया है कि इनके लिए सीधे अलाटमेंट ही कर सकते हैं। प्रशासन ने सबसे पहले 15 मार्च 2005 में लैंड अलाटमेंट की पालिसी को तैयार किया था। सेक्टर 37 में लॉ इंस्टीट्यूट के लिए जमीन के विवाद के बाद प्रशासन ने पहली बार लैंड अलाटमेंट की पालिसी तैयार की थी जिसमें अफसरों के हाथों से जमीन के रेट तय करने का अधिकार वापस ले लिया गया था। इसमें कहा गया था आगे से किसी को भी जगह का अलाटमेंट प्रशासन द्वारा तयकी गई कीमतों पर नहीं बल्कि आक्शन की गई जमीन के औसत रेट के आधार पर होगा।

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  • Web Title: लैंड अलाटमेंट की पालिसी बदलेगा