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देश की खबरें-2

डब्ल्यूआईएफडब्ल्यू के 43वें शो में शामिल होंगे 130 डिजाइनरनई दिल्ली (आईएएनएस)। राजधानी में बुधवार से शुरू होने जा रहे 15वें विल्स लाइफस्टाइल इंडिया फैशन वीक (डब्ल्यूआईएफडब्ल्यू) में देशभर के 130 डिजाइनर 43 शो में अपने परिधान प्रदर्शित करेंगे। यह फैशन सप्ताह विस्तृत आकार लेने के साथ ही हमेशा की तरह फैशन की दुनिया के लोगों के लिए व्यापार और ऐश्वर्य सुनिश्चित करेगा।ओखला ओद्योगिक क्षेत्र में नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कारपोरेशन (एनएसआईसी) ग्राउंड में आयोजित होने जा रहे इस पांच दिवसीय फैशन सप्ताह में पहली बार इतने अधिक डिजाइनर हिस्सा ले रहे हैं।इस फैशन सप्ताह के आयोजक फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के अध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा, ‘हमारा एकमात्र उद्देश्य अपने डिजाइनरों के लिए व्यापार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। डब्ल्यूआईएफडब्ल्यू में जितने अधिक डिजाइनर हिस्सा लेंगे व्यापार के उतने ही अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।’उन्होंने कहा, ‘देशभर से कई नए डिजाइनर पहली बार हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन अखिल भारतीय संबंध स्थापित करता है। मैं दुनिया से कहना चाहता हूं कि यह व्यापार का सबसे बड़ा मंच है।’ फैशन सप्ताह में जे.जे. वालिया, तरुण ताहिलियानी, ऋतु कुमार, रॉकी एस, ऋतु बेरी और राना गिल हिस्सा लेंगे लेकिन रोहित बल और मनीष अरोड़ा जैसे डिजाइनर इसमें शिरकत नहीं कर रहे हैं।तेलंगाना समर्थकों ने मंत्री पर फेंके अंडे-टमाटर वेनापर्थी ((एजेंसियां)। आंध्र प्रदेश के वेनापार्थी में रविवार रात तेलंगाना समर्थकों ने राज्य की लघु उद्योग मंत्री डी.के. अरुणा पर अंडे और टमाटर फेंककर अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न कर दी।पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में करीब 20 तेलंगाना कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। सुश्री अरुणा यहां एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेने आई थीं। जब वह समारोह स्थल पर पहुंचने के लिए अपने वाहन में सवार होकर आगे बढ़ी तो तेलंगाना समर्थकों के एक समूह ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की। बाद में पुलिस हस्तक्षेप के बाद ही उनका काफिला आगे बढ़ सका। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तेलंगाना के समर्थन में नारे लगाए और सुश्री अरुणा से इस्तीफा देने की मांग की। बाद में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान भी परिसर के बाहर से अंडे और टमाटर फेंके गए। हालांकि इससे कार्यक्रम थोड़ी ेर के लिए बाधित हुआ लेकिन अधिक असर नहीं पड़ा। समिति की अवधि बढ़ी : नई दिल्ली से मिली खबर के मुताबिक पृथक तेलंगाना मुद्दे पर गौर करने के लिए गठित न्यायमूर्ति श्रीकृष्ण समिति ने संबंधित पार्टियों व पक्षों के विचारों और सुझावों को जानने के लिए अपनी रिपोर्ट सौंपने की अवधि 10 अप्रैल तक बढ़ा दी है। समिति से इस मसले पर गहरे अध्यन और परीक्षण करने से जुड़े अनुरोधों के बाद यह समयसीमा बढ़ाई गई है। असम में दो गिरोह के बीच मुठभेड़, तीन मरेगुवाहार्टी (आईएएनएस)। असम के गुवाहाटी शहर में सोमवार को दो गिरोहों के बीच आपसी मुठभेड़ में तीन लोग मारे गए। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि गुवाहाटी के बाहरी इलाके पनिखेती में सुबह छह बजे के करीब गोलियों से छलनी तीन शव बरामद किए गए।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इन हत्याओं की वजह कार चोर गिरोहों की आपसी दुश्मनी हो सकती है।’ पुलिस ने ड्राइविंग लाइसेंस बरामद कर मृतकों की पहचान मिजोरम के वमिल्ला सालो, पश्चिम बंगाल के लक्ष्मण राय और असम के होमेन नरजरी के रूप में की है। घटना स्थल से एक चोरी की स्कार्पियो गाड़ी भी बरामद की गई है।कांग्रेस-नेकां में समझौते के बाद पेश होगा विधेयकजम्मू (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस सोमवार को अंतर-जिला भर्तियों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक पेश को करने की योजना थी, लेकिन अब सरकार की सहयोगी कांग्रेस पार्टी के साथ मतभेद दूर होने के बाद ही इसे पेश किया जाएगा।कांग्रेस इस विधेयक को पेश करने से पहले उससे इस संबंध में परामर्श न लिए जाने से नाराज थी। यह विधेयक अपने पैतृक जिले से इतर अन्य जिलों में नौकरी ढूंढ़ने वाले उम्मीदवारों पर प्रतिबंध लगाएगा। कांग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस ने विधेयक पेश किए जाने को लेकर अपनी अप्रसन्नता से मुख्यमंत्री (उमर अब्दुल्ला) को अवगत करा दिया है। हमें इस पर परामर्श करना चाहिए था। हमने मुख्यमंत्री को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है।’एक पार्टी अधिकारी ने बताया, ‘कांग्रेस इस विधेयक के विरोध में है क्योंकि इससे राज्य के अनुसूचित जाति समुदाय के लिए नौकरियों में आठ प्रतिशत आरक्षण छिन जाएगा। इस समुदाय ने चुनावों में कांग्रेस का साथ दिया है और मई में नगरनिगम चुनाव होना हैं। पार्टी अपने वोट नहीं खो सकती है।’ घाटी में अनुसूचित जाति नहीं हैं और विधायकों ने इस जाति के उम्मीदवारों के लिए आठ प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर नाराजगी जताई है। कश्मीर घाटी में मुसलमानों की बहुलता है जबकि यहां 2,000 से कम कश्मीरी हिंदू हैं।मप्र में बदला नेताओं के स्वागत का अंदाजभोपाल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में नेताओं के स्वागत का अंदाज ही बदलने लगा है। फूल-मालाओं और पटाखों के साथ अब हवाई फायरिंग भी स्वागत का हिस्सा बन गई है। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही एक दूसरे से पीछे नहीं है। यह बात अलग है कि दोनों स्वागत के इस तरीके को नकार रहे हैं।मध्य प्रदेश में स्वागत समारोहों में हथियारों का नजर आना आम बात हो गई हैं। आलम यह है कि इनका प्रदर्शन कर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अपनी ताकत का इजहार करते हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न होने से यह प्रवृत्ति लगातार बढ़ती ही जा रही है।रविवार का दिन गोलियों से स्वागत के नाम रहा। भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र सिंह तोमर का मुरैना के अम्बाह क्षेत्र में पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। यहां कई कार्यकर्ताओं ने हवा में गोलीबारी भी की। इस गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल भी हुआ है। तोमर ने इस हादसे के बाद सफाई भी दी है कि जिस व्यक्ति ने गोली चालाई और जो घायल हुआ वह दोनों ही पार्टी के नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा है कि स्वागत में किसी तरह की फायरिंग न की जाए इसके निर्देश भी कार्यकर्ताओं को दिए गए थे।चंबल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक एस.के.झा ने गोलीबारी की जांच के आदेश देते हुए कहा है कि अम्बाह में गोली तोमर का काफिला निकलने के बाद चली थी। इस गोलीबारी का स्वागत से कोई वास्ता नहीं है। गोली चलाने वाले को गिरफ्तार कर बंदूक जब्त कर ली गई है। इसी तरह कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आकाश आहूजा के स्वागत में समर्थकों ने ग्वालियर में जमकर हवा में गोलीबारी की। ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एम.एस. वर्मा ने बताया है हवाई फायरिंग की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।‘भारत का महिला विधेयक अफ्रीका के लिए प्रेरणा’नई दिल्ली (आईएएनएस)। घाना की व्यापार एवं उद्योग मंत्री हन्नाह टेटेथ ने महिला आरक्षण विधेयक की सराहना करते हुए इसे अफ्रीकी देशों के लिए एक प्रेरणा करार दिया है।टेटेथ ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि इस विधेयक को यहां अंतिम रूप दे दिया जाएगा। यह अफ्रीका सहित हर जगह की महिलाओं के लिए प्रेरणा है।’ उल्लेखनीय है कि विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण के प्रावधान वाले विधेयक को कुछ राजनीतिक दलों के विरोध के बीच राज्यसभा में भारी बहुमत से पारित किया जा चुका है। अब इसे लोकसभा में पेश किया जाना है।पेशे से वकील और घाना के राष्ट्रपति जॉन अट्टा-मिल्स की खास सहयोगी टेटेथ यहां व्यापार सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंची थीं। उन्होंने भारत की पंचायती राज व्यवस्था की भी जमकर तारीफ की। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के लोकतांत्रिक जुड़ावों का भी जिक्र किया। टेटेथ ने कहा, ‘दुनिया के विभिन्न देश विकास के विभिन्न चरणों में हैं। इसमें लोकतंत्र का आगे बढ़ना भी जारी रहेगा। शिक्षा और सूचना के साथ विकास की पूरी प्रक्रिया और गतिशील होगी।’ उन्होंने कहा, ‘भारत और घाना के बीच राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंध वर्षो से चले आ रहे हैं। भारत से स्थानांतरिक तकनीकों से अफ्रीकी लाभ उठाते हैं।’’अधिकारी को थप्पड़ मारने के मामले में कांग्रेस ने की मंत्री की आलोचनारायपुर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ की सत्तारूढ़ भाजपा की सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री को एक प्रोटोकॉल अधिकारी को थप्पड़ मारने के मामले में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस की राज्य इकाई ने मंत्री के इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।राज्य के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री रामविचार नेताम ने शनिवार को कथित रूप से बिलासपुर कस्बे में एक प्रोटोकॉल अधिकारी संतोष देवानागन को उस समय थप्पड़ जड़ दिया था जब वह नेताम के लिए गेस्ट हाउस में कमरा नहीं बुक करा सके। यह मामला रविवार को उस समय प्रकाश में आया जब अधिकारी ने पूरे मामले की जानकारी बिलासपुर जिले के जिलाधिकारी सनमोनी बोरा को दी। भाजपा की राज्य इकाई ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मंत्री से स्पष्टीकरण मांगा है।भाजपा सूत्रों ने बताया, ‘मंत्री ने पार्टी को बताया है कि उन्होंने अधिकारी को थप्पड़ नहीं मारा है बल्कि गेस्ट हाउस में कमरा न बुक कराये जाने के कारणों के बारे में पूछताछ की थी। विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे पर राजनीति करने से पार्टी असहज महसूस कर रही है।’ कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई के प्रवक्ता रमेश वर्लयानी ने इस मुद्दे पर कहा, ‘नेताम ने सारी हदें पार कर दी..मंत्री के कार्यो से भाजपा सरकार का चेहरा उजागर हो गया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। ड्यूटी के दौरान यदि प्रोटोकॉल अधिकारी में कमी पाई गई तो उसे नियम के तहत सुलझाया जाना चाहिए था बल्कि इस तरह नहीं जो रास्ता मंत्री ने चुना।’पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी खान का मकान चंदे से मुक्त कराएगी कांग्रेसभोपाल (आईएएनएस)। हॉकी के पूर्व ओलंपिक खिलाड़ी असलम शेर खान के मकान को मुक्त कराने के लिए कांग्रेस पार्टी चंदा इक्कठा करेगी। नगर निगम भोपाल द्वारा बकाया संपत्ति कर अदा न करने पर मकान कुर्क किए जाने को कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की हॉकी खिलाडिम्यों के प्रति दोमुंही नीति करार दिया है।नगर निगम का बकाया संपत्ति कर अदा न करने पर असलम शेर खान के मकान पर नोटिस चस्पा कर कुर्क कर दिया गया है। कांग्रेस की जिला इकाई के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने निगम के इस फैसले की निंदा करते हुए चार लाख रुपये बकाया कर राशि जुटाने के लिए चंदा इक्कठा करने का निर्णय लिया है। असलम शेर खान 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। उन्होंने पुरस्कार में मिली राशि से ही यह मकान हासिल किया था। पहले इस मकान में स्कूल चला करता था जो लंबे अरसे से बंद है। नगर निगम ने अभी हाल में एक नोटिस जारी कर असलम शेर खान को चार लाख चार हजार रुपये बकाया संपत्ति कर जमा करने को कहा। असलम शेर खान की ओर से ऐसा न किए जाने पर निगम ने मकान के बाहर नोटिस चस्पा कर कुर्क कर दिया। कांग्रेस नेता एस. एम. खान ने निगम की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा है कि हॉकी खिलाड़ी का मकान मुक्त कराने के लिए चंदा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक तरफ हॉकी को बचाने की बात करते हैं दूसरी ओर पूर्व हॉकी खिलाड़ी को सड़क पर लाया जा रहा है।कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता के. के. मिश्रा का कहना है कि उनकी पार्टी ने प्रदेश सरकार के हॉकी प्रेम के असली चेहरे को उजागर किया है। पूर्व आलंपिक खिलाड़ी ने पुरस्कार में मिली राशि से मकान हासिल किया था, जिसे निगम ने छीन लिया है। इसके जवाब में नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि वे सिर्फ हुक्म की तामील कर रहे हैं क्योंकि बकाया संपत्ति कर माफ करने का अधिकार उन्हें नहीं है। यह निर्णय प्रदेश सरकार ही ले सकती है।ं

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