DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सुप्रीम कोर्ट से मोदी को राहत की उम्मीद

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट वर्ष 2002 में गुजरात में हुए साम्प्रदायिक दंगों में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और 13 अन्य अभियुक्तों की जाँच एसआईटी को देने के अपने आदेश को वापस लेने संबंधित याचिका पर सुनवाई करने को राजी हो गया। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका भाजपा विधायक कालूभाई मलवाडी ने दाखिल की है। अहमदाबाद की गुलबर्गा सोसाइटी में हुए दंगों में मारे गए कांग्रेस नेता एहसान जाफरी की पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में मोदी के साथ मलवाडी भी अभियुक्त हैं। मलवाडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश कई मायनों में अनोखा है। 40 पेजों का आदेश तीन जजों ने सिर्फ चार दिन में लिख दिया। यह तभी संभव है कि जब आदेश एक ही जज ने लिखा हो या उसे पहले से ही तैयार किया गया हो। वहीं इस मामले में कोर्ट ने किसी भी अभियुक्त को नहीं सुना और उनकी सुनवाई किए बिना मामला एसआईटी को सौंप दिए। कोर्ट ने यह भी नहीं देखा कि एसआईटी में ऐसे पुलिस अधिकारियों को रख लिया गया है जो दंगों के मामले में खुद आरोपित हैं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सुप्रीम कोर्ट से मोदी को राहत की उम्मीद