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नहीं चलेगा नरेगा में केन्द्र का बहाना रूरल डेवलपमेंट सोसायटी बनाने

पटना(हि. ब्यू.)। राज्य सरकार बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसायटी बनाने जा रही है। नरेगा की राशि देने में अब केन्द्र को कोई बहाना नहीं मिलने वाला। सीधे जिलों को न भेजकर केन्द्र सरकार को इसी सोसायटी के माध्यम से राज्य सरकर को एकमुश्त पैसा देना होगा। पैसे का हिसाब भी वह इसी सोसायटी से मांग सकेगी। नरेगा के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली बहालियां भी इसी सोसायटी के माध्यम से होंगी। विभाग ने इसकी अनुमति दे दी है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद जल्द ही सोसायटी स्वरूप ले लेगी। ग्रामीण विकास विभाग से मिली खबर के मुताबिक नरेगा को लेकर सरकार की उलझनें बढ़ती जा रही हैं। जिलों से लेबर बजट देने के बावजूद केन्द्र सरकार इसकी राशि देने में आनाकानी करती है। इसकी राशि अंतिम समय में दी जाती है और फिर खर्च नहीं होने का आरोप लगाकर अगली किश्त पर रोक लगा दी जाती है। अभी राशि सीधे जिलों को भेजी जाती है। खर्च का हिसाब-किताब भी जिले ही देते हैं। केन्द्र कभी-कभी तो पुराने हिसाब की मांग कर राशि रोक देता है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 3258 करोड़ रुपये का लेबर बजट केन्द्र को दिया। इसके एवज में मात्र 648 करोड़ राशि ही अब तक दी गई है जबकि राज्य सरकार अपने अंश की राशि मिलाकर 1160 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। लेबर बजट के अनुसार केन्द्र को अपने अंश की 90 प्रतिशत यानी 29 सौ करोड़ रुपये अब तक रिलीज करना चाहिए था। हद तो यह है कि सीतामढ़ी, मुंगेर, किशनगंज और समस्तीपुर ऐसे जिले हैं जहां केन्द्र अब तक पहली किस्त भी नहीं भेज सका है। इन्हीं लफड़ाें से बचने के लिए सरकार ने सोसायटी बनाने का फैसला किया है। सारे पैसे इसी सोसायटी के माध्यम से खर्च किये जाएंगे। यह सोसायटी एक्ट के तहत निबंधित संस्था होगी।

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