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चकमा खा गई पुलिस, ‘विधान सभा चलो’ मिशन पूरा छात्रों की

वरीय संवाददातापटना। चकमा खा गई पुलिस और विधान मंडल भवन के गेट तक आंदोलनकारी पहुंच गये। बीते एक दशक में यह पहला मौका है जब सदन के समीप कोई संगठन विरोध-प्रदर्शन करने में सफल हुआ है। दरअसल छात्रों ने खास रणनति बनाई थी जिसके तहत सरकार के खिलाफ ‘चलो विधान सभा’ मिशन पूरा हो गया। इस दौरान सड़क पर पलटी जिप्सी, बिखरे ईंट-पत्थर, कुर्सी-टेबुल आदि के टूटे टुकडेम् और राहगीरों के सामान घटना के बाद ही हालात की हकीकत बयां कर रहे थे। सिर्फ पब्लिक ही नहीं पुलिस भी अपनी जिप्सी तक छोड़ कर भाग खड़ी हुई। अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की शाखा किशनगंज में खोलने और इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 250 एकड़ जमीन देने के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से जुलूस निकाला जो डाकबंगला, स्टेशन गोलंबर व जीपीओ गोलंबर होते हुए आर.ब्लॉक गोलंबर के समीप पहुंचा। वहां पहले से ही अन्य आंदोलनकारियों के जमा होने के कारण पुलिस द्वारा हार्डिंग पार्क से जुड़ी सडक पर लगे गेट को बंद कर दिया गया था। दिन के एक बजे तक अभाविप का आंदोलन शांतिपूर्ण था। अचानक अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई। आगे-आगे दौड़ती पुलिस और पीछे उग्र प्रदर्शनकारी। जवान हो या अफसर। सभी सचिवालय थाना की ओर भागे। रास्ते में कोई किसी मकान में तो कोई दुकान में छिप गया। एक जिप्सी पर 15 पुलिसकर्मी सवार होकर भागे। दमकल और वाटर कैनन पर भी पुलिस के जवान लटकते दिखाई पडेम्। छात्रों ने प्रशासनिक तम्बू के साथ ही उसमें रखी कुर्सी व अन्य सामान को भी तहस-नहस कर दिया। इधर गुरिल्ला तरीके से विद्यार्थी परिषद के कुछ कार्यकर्ता उस समय विधान मंडल गेट पर पहुंच गये जब सदन चल रहा था। प्रदर्शनकारी पोस्टर की प्रतियां उछालते हुए नारेबाजी करने लगे। फिर पुलिस के साथ कहा-सुनी हुई और लाठियां चटकने लगी। बाद में घटना की सूचना मिलने पर विधायक नीतिन नवीन व कई अन्य राजनीतिज्ञ सचिवालय थाना पहुंचे और घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज के लिए पुलिस जिप्सी व एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।ं

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