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राज्य में पीजी कर सकेंगे दूसरे प्रदेशों से एमबीबीएस करने

पटना (हि.ब्यू.)। दूसरे प्रदेशों से एमबीबीएस की डिग्री लेनेवाले बिहारी छात्र जल्द ही अपने राज्य में भी पीजी कर सकेंगे। राज्य सरकार इस मामले महाराष्ट्र पैटर्न अपनाएगी। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री नन्दकिशोर यादव ने एक ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में यह जानकारी दी। अमरेन्द्र प्रताप सिंह, गजेन्द्र प्रसाद सिंह, रामदास राय, शिवचन्द्र राम, डॉ.आर.आर.कनौजिया और डॉ. रामचन्द्र पूर्वे ने यह मामला उठाया था। उनका कहना था कि विभिन्न मेडिकल प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण होकर राज्य से बाहर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की डिग्री हासिल करनेवाले छात्रों को बिहार में मेडिकल स्नातकोत्तर प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिलता। मंत्री का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से इन छात्रों का दाखिला नहीं हो पाता है। हाल ही में महाराष्ट्र ने इस समस्या का निदान किया है। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल इसका अध्ययन कर रहा है। इस पर जल्द ही ठोस नीति तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी ली जायेगी। इंडोर व्यवस्था - पूर्णिमा यादव की ध्यानाकर्षण सूचना पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सेखोदेवरा कौवाकोल रेफरल अस्पताल में इंडोर की व्यवस्था की जायेगी। सदस्या का कहना था कि कौवाकोल जंगली और पहाड़ी इलाका होने की वजह से मरीजों को इलाज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। थाना भवन - प्रदीप कुमार के प्रश्न पर जल संसाधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि नवादा में काशीचक थाना के भवन के लिए जमीन का फिर से अधिग्रहण किया जायेगा। रामदेव राय के प्रश्न पर मंत्री ने बताया कि बेगूसराय के भगवानपुर और मंसूरचक में थाना भवन के लिए भूमि चयन हो गया है। थाना क्षेत्र निर्धारण- झंझारपुर और घोघरडीहा थाना के क्षेत्र का नये सिरे से निर्धारण किया जायेगा। नीतीश मिश्रा, रामप्रीत पासवान और कपिलदेव कामत के ध्यानाकर्षण सूचना पर जल संसाधन मंत्री ने यह आश्वासन दिया। सदयें का कहना था कि मधुबनी की संग्राम, पिपरौलिया, नवानी और परसा पंचायतें झंझारपुर प्रखंड में है लेकिन इनका थाना क्षेत्र घोघरडीहा है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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