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चार साल कैद, दुर्घटना के बाद फेंका था

चंडीगढ़। ऑटो चालक सुखविंदर सिंह को नहीं पता था कि उसके ऑटो से घायल हुए एक व्यक्ति को कहीं लावारिस छोड़ना उसे इतना महंगा पड़ेगा कि उसे जेल की हवा खानी होगी। पुलिस ने तो उसे अगले ही दिन दबोच लिया था अब अदालत ने भी चंद महीनों में फैसला सुनाते हुए उसे चार साल कैद की सजा सुनाई है।मामला यह था कि पिछले वर्ष सेक्टर-21-34 डिवायडिंग सड़क पर मोटर साइकिल से जा रहे इंदिरा कालोनी निवासी सुशील कुमार को एक ऑटो चालक ने अपने ऑटो से टक्कर मारकर घायल कर दिया था। वह मौके से घायल सुशील को ऑटो में लेटा कर फरार हो गया। लोगों ने सोचा कि शायद वह उसे अस्पताल ले जाएगा, लेकिन ऑटो चालक ने सुशील को मोहाली के पास खलिहान में घायल अवस्था में ही उसके हाल पर छोड़ दिया था। रात को सुशील वैसे ही पड़ा रहा और उधर ऑटो का नंबर नोट हो चुका था। सुशील के परिजनों ने पुलिस को इत्तला दी थी और ऑटो के नंबर से पुलिस ने ऑटो चालक के घर का रास्ता छाना तो सुशील का शव खलिहान में गिरा पड़ा पाया।यह ऑटो चालक सुखविंदर सिंह था। उसके खिलाफ पुलिस ने सेक्टर-34 थाने में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायिक अधिकारी रवि कुमार सोंधी की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने शनिवार को उसे दोषी ठहराते हुए चार साल कैद एवं दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत का कहना है कि यदि वह सुशील को अस्पताल पहुंचा देता तो सुशील की जान बचने की संभावना थी।

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