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छह वर्षो में भी नहीं मिला मकान दोहरी मार ङोल रहे

कार्यालय संवाददाता लखनऊसाकेतपुरी निवासी मुकेश सक्सेना ने आवास विकास परिषद की वृन्दावन योजना में वर्ष 2004 में एक मकान खरीदा। बैंक से दो लाख रुपए लोन लेकर उन्होंने मकान का पूरा पैसा परिषद को अदा कर दिया। लेकिन छह वर्ष बीतने के बावजूद उन्हें मकान का कब्जा नहीं मिला। जबकि परिषद ने एक वर्ष में मकान देने का वादा किया था। मकान न मिलने से उन्हें दोहरी मार ङोलनी पड़ रही है। एक तो उन्हें किराए के मकान के लिए तीन हजार रुपए महीने देना पड़ रहा है दूसरे बैंक की किस्त अलग से चुकानी पड़ रही है। यह दर्द अकेले मुकेश का नहीं है ऐसे 194 आवंटी है जो इस दर्द को वर्षो से ङोल रहे हैं। मकान के कब्जे के लिए दौड़ते-दौड़ते वे थक चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। आवास विकास परिषद ने रायबरेली रोड स्थित अपनी वृन्दावन योजना संख्या एक के सेक्टर 6 ए में वर्ष 2004 में 194 लोगों को मकान आवंटित किए थे। इन लोगों ने पूरा पैसा भी आवास विकास परिषद में जमा कर दिया। परिषद ने उन्हें एक वर्ष के भीतर मकान उपलब्ध कराने की बात की। लेकिन उन्हें आज तक मकान नहीं मिल पाया। यह लोग मकान के लिए जब परिषद के अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें भगा दिया जाता है। तमाम लोगों ने मकान के लिए बैंक से ऋण लिया था। लेकिन अपने घर का उनका सपना आज भी अधूरा है। बैंक का ब्याज व मकान का किराया देते-देते तमाम लोग कंगाल हो गए हैं। आवंटी मुकेश सक्सेना अपना दर्द नहीं छुपा पाए। बोले अब तक आर्थिक स्थिति किसी तरह संभाल रखी थी लेकिन अब बिल्कुल पटरी से उतर गई है। अपर आवास आयुक्त आर.पी.सिंह कहते हैं कि योजना के मकान बनकर तैयार हैं। कुछ में थोड़ा बहुत काम ही होना है। श्री सिंह कहते हैं कि एक किसान ने उच्च न्यायालय से स्टे ले लिया है। न्यायालय मुआवजा देने के बाद ही मकान बनाने को कहा है। किसानों को मुआवजा देने की फाइल वर्षो से एडीएम के यहाँ पड़ी है। उनसे मैंने खुद कई बार बात की लेकिन अभी तक कुछ हुआ नहीं। उन्होंने कहाकि केवल 17 एकड़ जमीन के मुआवजे का ही विवाद है। जैसे ही एडीएम के यहाँ मुआवजा एवार्ड हो जाएगा परिषद मकानों को दुरुस्त कराकर आवंटियों को दे देगा। आवंटियों का कहना है कि वे एडीएम कार्यालय में जब इस बारे में जानकारी करने जाते हैं तो उन्हें डाँटकर भगा दिया जाता है। एडीएम कार्यालय के कर्मचारी कहते हैं कि ऐसे मुआवजा नहीं दिया जाता।ं

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