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बारिश में पानी बचाइए, गर्मी में उड़ाइए

रेन वाटर हार्वेस्टिंग से धरती की कोख जल से आबाद होगी राजीव जोशी लखनऊबरसात में पानी बचाइए। गर्मी में उड़ाइए। जी हाँ, ऐसा हो सकता है। लखनऊ विवि में हुए शोध में राजधानी की उन जगहों का पता लगाया गया है जिनमें बरसाती पानी लोगों के लिए बवाल-ए-जान बन जाता है। ऐसे पानी को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के जरिए जमीन में पहुँचाकर धरती की प्यास बुझाई जाएगी। सूदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) से प्राप्त चित्रों के अध्ययन और इस पर किए गए इस शोध के निष्कर्षो को राज्य और केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।लखनऊ विवि के भूगर्भ विभाग में ‘कन्जर्विग वॉटर लॉग्ड एरिया एज ए टूल टू रिचार्ज’ विषय पर हुए इस शोध के शुरुआती नतीजों में सामने आया है कि लखनऊ में मॉडल हाउस, शाहनजफ रोड, कपूरथला और छन्नीलाल चौराहा निचले इलाकों में है। यहाँ हर साल बरसात में जलभराव लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। इस शोध के लिए रिमोट सेंसिंग से प्राप्त आँकड़ाें और चित्रों को लिया गया है। डिजीटल इन्हांस मॉडलिंग (डैम मैपिंग) के जरिए इनका अध्ययन किया गया है। आगामी बरसात में शोध के दूसरे चरण के आँकड़े जुटाए जाएँगे। बढ़ती आबादी और गिरते जलस्तर को देखते हुए इस शोध के जरिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए उपयुक्त जगहों को चिह्न्ति किया जाएगा। इस शोध को भूगर्भ विज्ञान के डॉ विभूति राय, पूर्णिमा शर्मा व नीतिमा सतीजा ने किया है। डॉ विभूति के अनुसार इस अध्ययन से दो फायदे होंगे। जलभराव वाले इलाकों के लोगों को निजात मिलेगी और भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी।ं

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