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हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में सजग नहीं है विवि

पटना (हि.प्र.)। पटना विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की पांच जनवरी से जारी हड़ताल को समाप्त कराने के लिए अभी तक कोई ठोस योजना नहीं बनायी जा रही है। भले ही विवि प्रशासन दावा कर रहा हो कि कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जा रहा है लेकिन अभी तक वार्ता के लिए बुलावा नहीं भेजा गया है। विवि प्रशासन की तरफ से पहल नहीं होने से जहां एक तरफ कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है, वहीं छात्रों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। विवि प्रशासन द्वारा वार्ता के लिए नहीं बुलाए जाने के बाद आक्रोशित कर्मचारी सोमवार को अगली रणनीति तय करेंगे।कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त कराने के लिए विवि प्रशासन ने ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया था। कुलपति प्रो. श्याम लाल ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को मानने का संकेत दिया था। कुलपति ने कर्मचारी नेताओं से बातचीत कर समस्या के समाधान की भी बात कही थी। लेकिन अब तक कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया नहीं गया है। कर्मचारियों का कहना है कि अब तो कुलपति की बातों पर हमें भरोसा नहीं रह गया। अब कर्मचारियों ने कुलाधिपति के दरबार में फरियाद लगाने का निर्णय लिया है। पटना विवि कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के महासचिव विनोद मिश्र का कहना है कि विवि प्रशासन व कुलपति के उदासीन रवैये के कारण कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ा है। कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री हरिनारायण सिंह ने भी आश्चर्य व्यक्त किया है। उनका कहना है कि विवि स्तर पर कुलपति को वार्ता कर शीघ्र हड़ताल समाप्त करानी चाहिए थी। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि विवि प्रशासन ने अब तक कोई ठोस पहल की ही नहीं और कर्मचारियों पर हड़ताल थोपने का आरोप लगाया जा रहा है। कर्मचारी संघ का कहना है कि हमें कुलपति के आश्वासनों पर भरोसा नहीं रहा जब तक हमारी मांगों के सभी विंदुओं पर वार्ता नहीं होगी, हड़ताल समाप्त करने का सवाल ही नहीं उठता है।

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