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झलक जाती है कर्पूरी के प्रति सरकार की अश्रद्धा :

पटना(हि. ब्यू.)। राज्य सरकार द्वारा अनुकरणीय व्यक्तित्वों की सूची में कर्पूरी ठाकुर को शामिल नहीं किये जाने और कर्पूरी स्मृति संग्रहालय से छेड़छाड़ किये जाने पर राजद ने आपत्ति प्रकट की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार की हर गतिविधि से झलकती है कर्पूरी ठाकुर के प्रति उसकी अश्रद्धा। महादलितों को तीन डिसमिल जमीन देने की घोषणा से लगता है कि वह पूर्व की सरकार द्वारा सभी भूमिहीनों को दिये गये चार डिसमिल के अधिकार में कटौती करना चाहती है तथा अन्य जाति को इससे वंचित कर रही है। सभी भूमिहीनों को चार डिसमिल जमीन देने की व्यवस्था राज्य में 1999 से ही लागू है।प्रदेश अध्यक्ष अब्दुलबारी सिद्दीकी, प्रधान महासचिव रामकृपाल यादव और विधान पार्षद रामवचन राय ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा छापी गई पुस्तक में अनुकरणीय व्यक्तित्वों की चर्चा है। उसमें पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर का उल्लेख नहीं है। पुपरी में कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा के पास उन्हें श्रद्धांजलि देने जुटे चार सौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। घोषित कार्यक्रम होने के बावजूद प्रशासन का आरोप है कि इसकी अनुमति नहीं ली गई। गिरफ्तार लोगों में राजद के कई वरीय नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के आवास एक देशरत्न मार्ग को कर्पूरी स्मृति संग्रहालय घोषित किया गया लेकिन उसके गेट पर बड़ा तोरण द्वार और कमरों में महंगे टाइल्स लगाकर पूर्व मुख्यमंत्री की सादगी को चोट पहुंचाने का प्रायास किया गया है। राजद की सरकार बनी तो भव्य द्वार हटेगा और उसका रख रखाव अर्कियोलॉजिकल कान्सेप्ट के अनुसार होगा। राज्य सरकार ने 20 जुलाई 1999 में ही हर तबके के भूमिहीनों को चार डिसमिल जमीन का पर्चा और सरकारी जमीन नहीं होने पर उन्हें खरीद कर देने की व्यवस्था की है। लेकिन वर्तमान सरकार केवल महादलितों को वह भी मात्र तीन डिसमिल जमीन देने की बात कर रही है।

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