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किसे अपना बनाएं शाम ढल जाने के बाद.. उत्कृष्ट कार्य के

कार्यालय संवाददातापटना। हम किसे अपना बनाएं शाम ढल जाने के बाद/ हो खूबसूरत अपनी बला से/ मोर बगिया में आइल बहार/ कवनो रे मासे अमवा के टिकोलवा / .. सतीश जाखनवाल व संगीता सुप्रिया के इन गजलों व लोकगीतों ने रविवार की शाम लोगों को खूब झुमाया। साथ ही बच्चाो ं व युवा कलाकारों ने फिल्मी गीतों पर जमकर ठुमके लगाए। यह मौका था आईएमए हॉल में बिहार कला व सांस्कृतिक विकास परिषद की ओर से आयोजित सम्मान समारोह सह सांस्कृतिक संध्या का। इस अवसरपर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए आठ लोगों को बिहार ज्योति अवार्ड से नवाजा गया । सम्मानित होने वालों में पत्रकार निवेदिता झा, गणेश राज, दीपक कुमार सिन्हा, सुदर्शन सिंह, मनोज कुमार, ऋषभ राठौर , प्रभाकर प्रेम व अमित कुमार शामिल थे। समारोह का उद्घाटन बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ दल के उपनेता गंगा प्रसाद ने किया। इस मौके पर बिहार बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष रामदेव प्रसाद, समाजसेवी अनिल सुलभ, डा. मणिभूषण कुमार ने भी अपने विचार रखे। अध्यक्षता आनन्द मोहन झा ने की जबकि स्वागत व संचालन विश्वमोहन चौधरी संत ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्म में अमिता, प्गति व सोनाली ने फिल्मी गीत ‘चूड़ी जो खनके. पर जमकर डांस किया। मुकेश सिन्हा ने ‘बने चाहे दुश्मन जमाना हमारा सलामत रहे दोस्ताना हमारा ’ पेश किया। अनिता सिंह, राहुल कुमार, संजय कुमार व अरुण कुमार गौतम ने भी गीत गाए।

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