DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शहर में बिजली की डिमांड बढी, 570 मेगावाट की जरूरत सामान्य

िवनय कुमार झापटना।राजधानी पटना में िबजली की खपत बढ़ गयी है। खासकर गर्मी चढ़ते ही िड़ाांड में जबर्दस्त वृिद्ध हुई है। िफलहाल यहां िबजली की िड़ाांड पीकऑवर में 570 मेगावाट तक पहुंच गयी है। नार्मल पिरिस्थित में भी मांग 520 मेगावाट रहती है। िपछले साल शहर में िबजली की िड़ाांड 495 मेगावाट तक ही थी। इस तरह पीकऑवर में कुल 75 मेगावाट की मांग बढ गयी है। शहर की बढ़ती हुई मांग के िहसाब से िबजली की आपूिर्त भी बढ़ा दी गयी है। िपछले साल शहर को रौशन करने के िलए पेसू को 370 मेगावाट तक िबजली दी जाती थी जबकि इस साल इसमें 43 मेगावाट की वृिद्ध कर दी गयी है। िफलहाल पेसू को 413 मेगावाट तक िबजली की आपूिर्त हो रही है। सहज ही समझा जा सकता है कि मांग 520 पर आपूिर्त 413 मेगावाट तो कैसे शहरवािसयों को चौबीसों घंटे िबजली की आपूिर्त की जाती होगी। पेसू से िमली जानकारी के मुतािबक शहर के पिश्चमी इलाके में िबजली की िड़ाांड में सबसे अिधक वृिद्ध हो रही है। खासकर बेली रोड पर सगुना मोड़ तक शहर का लगातार िवस्तार होने से िबजली की खपत बढ़ी है। इस क्षेत्र में सबसे अिधक अपार्टमेंट बने हैं। साथ ही बढ़ी है िबजली की खपत। इस क्षेत्र के लगभग सभी फीडर व ट्रांसफार्मर ओवरलोडेड हो गए। अमूमन हर दूसरे से तीसरे फ्लैट में एसी भी लगे हैं। यही वहज है कि पेसू को भी इस क्षेत्र में िस्थत एक्साइज व गड़ीखाना सबस्टेशनों की क्षमता डबल करनी पड़ गयी है। दूसरी ओर एसके पुरी व पाटिलपुत्र क्षेत्र में भी िबजली की िड़ाांड तेजी से बढ़ रही है। िपछले साल तो एसके पुरी इलाके में इतनी अिधक मांग हो गयी थी कि रोज करीब तीन से चार घंटे िबजली की कटौती करनी पड़ती थी। बढ़ती मांग के कारण पेसू को एसके पुरी, एएन कालेज व पाटिलपुत्र सबस्टेशनों की क्षमता डबल करनी पड़ गयी। िबजली बोर्ड के प्रवक्ता एचआर पांडेय के मुतािबक राजधानी की िड़ाांड पीकऑवरमें 570 व नार्मल िस्थित में 520 मेगावाट होती है। --------------------------------------------------------------------शहर में िबजली का ग्राफ; िबजली की जरूरत पीकऑवर में : 570 मेगावाट(पीकऑवर : शाम 6 से रात 10 बजे)नार्मल िस्थित में मांग : 520 मेगावाटिमलती है िबजली : 413 मेगावाटहर घंटे िबजली की खपत: 21.66 मेगावाटपीकऑवर के हर घंटे खपत: 23.75 मेगावाटिपछले साल की जरूरत पीकऑवर: 495 मेगावाटिपछले साल की नार्मल जरूरत : 450 मेगावाट

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: शहर में बिजली की डिमांड बढी, 570 मेगावाट की जरूरत सामान्य