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भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ: आसाराम बापू

हजारों लोगों ने ली सत्संग में दीक्षा हिन्दुस्तान प्रतिनिधिपटना गांधी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग में हजारों लोगों ने संत आसाराम बापू से दीक्षा ली। दीक्षा कार्यक्रम सुबह साढ़े सात बजे से साढ़े नौ बजे तक चला। सत्संग के अंतिम दिन होने के कारण सुबह से सत्संग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही थी। बापू ने स्वस्थ जीवन के लिए योग व प्राणायाम के गुरु भी सिखाए। प्रवचन में बापू ने कहा कि भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। आदिकाल से ही भारतीय संस्कृति का दुनिया ने लोहा माना है। भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में अपने गौरव का परिचय दे रही है। इस पर कई बार हमले किए गए और कई शहरों का नाम बदला गया। आज भी गौरवशाली भारतीय संस्कृति को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। देश पर पश्चिमी संस्कृति के द्वारा हमले किए जा रहे हैं। हिन्दुओं के आस्था केन्द्र पर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं और संतों की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन भारतीय संस्कृति की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि कोई शक्ति इसे हिला नहीं सकती है। अगर दुनिया से हिन्दू धर्म मिट गया तो पूरे विश्व से मानवता गायब हो जाएगी। योग से तन व मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। सत्संग से मानव को ज्ञान मिलता है और अच्छे वातावरण का निर्माण होता है। जो सत्संग सुनकर उसे जीवन में अमल में लाते हैं उनके परिवार में शांति रहती है। जिन देशों में सत्संग नहीं है वहां के समाज में काफी विसंगतियां हैं। भारत में लोगों का शुरू से सत्संग के प्रति झुकाव है। देश में लाखों लोग सत्संग का आश्रय ले रहे हैं। सत्संग का ही प्रभाव है कि भारत में संयुक्त परिवार का प्रचलन है। सत्संग के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

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