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जैविक और समेकित खोती पर जोर दें किसान कार्यशाला में कृषि

पटना (हि. ब्यू.)। कृषि मंत्री रेणु कुमारी ने कहा कि सरकार खेतों में हिरयाली के साथ किसानों के चेहरे पर लाली देखना चाहती है। इसके लिए उनकी आमदनी बढ़ाने वाली कई योजनाएं राज्य में शुरू की गई हैं। उन्होंने जैविक खेती की ओर ध्यान केन्द्रित करने के लिए किसानों का आह्वान किया। दीप नारायण सहकारी संस्थान में रविवार को आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जैविक खेती से न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि आमजन के स्वास्थ्य पर भी इसका बेहतर असर पड़ेगा। रासायनिक खादों के उपयोग से कम होती जा रही मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर भी विराम लगेगा। सरकार अब जैविक उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था करने जा रही है। इससे किसानों के उत्पादों का बढिम्या दाम मिलेगा। बहुराष्ट्रीय कंपनियां उसके दरवाजे पर दस्तक देंगी। सर्टिफिकेशन कराने की योजना को पायलट प्रजेक्ट के रूप में सूबे के दो जिलों में शुरू किया जाएगा। समेकित खेती पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि खेती योग्य भूमि नहीं बढ़ाई जा सकती है। लिहाजा इस विधि से भूमि का भरपूर दोहन कर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। सरकार ने ऐसी योजना तैयार की है जिससे एक एकड़ में समेकित खेती कर एक परिवार सालोभर अपने भोजन का जुगाड़ कर सकता है। इस अवसर पर उद्याान निदेशक अरविन्दर सिंह और बामेति के निदेशक डा. आर. के. सोहाने ने भी किसानों को संबोधित किया। स्वागत भाषण डा. राजेश कुमार और धन्यवाद ज्ञापन गणेश राम ने किया। उप निदेशक सूचना एसी जैन भी उपस्थित थे।

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