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कांग्रेस विधायक ने कहा ठोस निर्णय करे आलाकमान डा. अशोक और

पटना (हि.ब्यू.)। कांग्रेस पार्टी के बछवाड़ा (बेगूसराय) विधायक रामदेव राय पार्टी की मौजूदा स्थिति से बेहद दुखी हैं। रविवार को उन्होंने आलाकमान से मांग की कि वह समय रहते संगठन और विधायक दल के बीच के मनभेद को दूर करने के लिए दोनों पक्षों का सुनकर ठोस निर्णय करें। बिहार में पार्टी ने 15 साल दुर्दिन देखे हैं। हम गुलाम रहे। बड़ी मुश्किल से राहुल गांधी के प्रयासों और सोनिया गांधी के कुशल नेतृत्व से हमें आजादी मिली है। जनता जब उम्मीद भरी नजरों से हमारी ओर देख रही है ऐसे में घर का चिराग ही घर को जलाय, यह उचित नहीं है। रविवार को संवाददाता सम्मेलन में श्री राय ने कहा कि हर पार्टी में मतभेद होता है, पर मनभेद नहीं होना चाहिए। 5 मार्च उनके जीवन का सबसे दुर्भाग्यशाली दिन था। एक तरफ विधायक दल के नेता का बुलावा था तो दूसरी तरफ संगठन का। वे दोनों बैठकों में गए और दोनों जगह अपनी बात रखी। विधायक ने कहा कि श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। पर घर के मालिक को भी धैर्यवान होना चाहिए। उनका यह उतावलापन ठीक नहीं। प्रभारी जगदीश टाइटलर खुद यहां मौजूद थे। वे डा. अशोक राम या रामजतन सिन्हा से बात कर सकते थे बजाय इसके कि कमेटी ने उन्हें नोटिस थमाने की हड़बड़ी दिखायी। रंजीता के मसले पर उन्होंने कहा कि घर में कोई गलती कर दे तो क्या उसे भगा दीजिएगा? रंजीता को पार्टी में लाते वक्त तो किसी से सलाह नहीं लिया था। इस मामले में वे उन्हें ही दोषी मानते हैं। रामदेव राय ने कहा कि घर का विवाद घर में ही सुलट जाना चाहिए। उसे दूसरे फोरम पर ले जाना ठीक नहीं। बड़ी मुश्किल से हमने जनता का विश्वास हासिल किया है। आलाकमान रास्ता निकाले ताकि पार्टी का दोनों धड़ा फिर से साथ और मजबूती से चल सके।

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  • Web Title: कांग्रेस विधायक ने कहा ठोस निर्णय करे आलाकमान डा. अशोक और