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अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के समान होंगे सरकारी अस्पताल सरकार ने 20

पटना (हि.ब्यू.)। राज्य सरकार ने 20 सरकारी अस्पतालों को अंतरराष्ट्रीय गुणवता के अनुरूप बनाने का निर्णय किया है। इन अस्पतालों में चिकित्सा की सभी सुिवधाएं मुहैया होंगी। देश के नामी-गिरामी बड़े सरकारी अस्पतालों की समान यहां सभी इमरजेंसी सुविधाएं बहाल की जाएंगी। इसके लिए 5 जिला अस्पतालों, 5 अनुमंडलीय अस्पतालों और 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का चयन किया जाएगा। चयन की प्रक्रिया आरंभ की गई है। इसके लिए वैसे 20 अस्पतालों का चयन किया जा रहा है जहां कम से कम कमियां हो। इन कमियों को पूरा करने के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में प्रभम चरण में 3 करोड़ रुपए खर्च किये जाएंगे। इसके बाद इन अस्पतालों को आईएसओ 9000 का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में विगत चार सालों में आगे गुणात्मक परिवर्तन के बाद सरकार ने यह प्रमाण पत्र लेने का साहस किया है। सरकार का मानना है कि यह प्रमाण पत्र स्वास्थ्य संस्थानों में प्रक्रियात्मक सुदृढ़ीकरण लायेगा। स्वास्थ्य मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा कि सरकार ने प्रारंभिक स्तर की सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सभी 534 प्रखंडों में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 30 बेड वाले अस्पताल में परिणत करना शुरू कर दिया है। आईपीएचएस मानक के अनुरुप सभी 63 अनुमंडलीय अस्पतालों में 100 बेड की व्यवस्था की जा रही है। जिला की आबादी के आधार पर 38 जिला अस्पतालों को 100, 300 और 500 बेड के अस्पताल में बदलने की कार्रवाई आरंभ है। इनमें कई में यह काम पूरा भी हो गया है। प्रखंड, अनुमंडल और जिला इन तीन स्तरों पर के अस्पतालों को सुदृढ़ करने के बाद अब इन अस्पतालों को अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता के अनुरुप करने की काररवाई शुरू की गई है। पहले साल 20 अस्पतालों का चयन किया है। डाक्टरों की पर्याप्त नियुक्ति के बाद अन्य अस्पतालों को भी गुणवत्ता के मानक पर खरा उतारने की कार्रवाई होगी।

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