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रंग मंच का होगा विकास : मंत्री

25वां पाटलिपुत्र नाटय़ महोत्सव शुरूहिन्दुस्तान प्रतिनिधिपटना सांस्कृतिक संगठन प्रांगण द्वारा आयोजित रजत जयंती अखिल भारतीय पाटलिपुत्र नाटय़ महोत्सव व रंग मेला रविवार से कालिदास रंगालय में शुरू हो गया। देश के16 राज्यों की 32 नाटय़ संस्थाओं के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने पहुंच चुके हैं। पहले दिन उद्घाटन के बाद हास्य नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कला संस्कृति एवं युवा विभाग की मंत्री रेणु देवी ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रंगमंच के विकास के लिए प्रयास कर रही है। विभिन्न राज्यों से आए रंगकर्मियों को एक मंच पर देखकर काफी अच्छा लगा रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष श्याम रजक ने कहा कि नाटक के माध्यम से राज्यों की बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता है। इसके पहले प्रांगण कला केंद्र के कलाकारों ने गणेश वंदना और स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों ने रंगकर्मी डा. चतुर्भूज व अरुण सिन्हा को श्रद्धांजलि दी। उद्घाटन सत्र के बाद आर्टिस्ट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के रंगकर्मियों ने ‘महाभारत का युद्ध’ हास्य नाटक प्रस्तुत किया। इसके लेखक इंद्रनाथ बंद्योपाध्याय और निदेशक तपन कुपन कुमार दत्ता हैं। कलाकारों से नाटक के माध्यम से पद के घमंड को बहुत ही सहजता से प्रस्तुत किया। गांव का एक मुखिया नाटक मंडली चलाता है। स्वयं दुर्योधन की भूमिका में है। निदेशक को भीम की भूमिका निभाने वाला कलाकार नहीं मिल रहा है। नाटक के मंचन का समय आ गया है। दर्शकों की भीड़ जमा है। निदेशक किसी तरह एक ठाकुर को भीम की भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है। नाटक की प्रस्तुति शुरू होती है। दुर्योधन और भीम के बीच लाड़ाई के दौरान मुखिया को यह याद आता है कि वह गांव का प्रधान है। इसके बाद वह भीम की भूमिका में रहे ठाकुर के सामने गिरने के लिए तैयार नहीं है। नाटक के दौरान पात्रों के बीच हुए संवाद से दर्शक हंसते-हंसते लोट-पोट हो गए।

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