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कृषि यांत्रिकरण में अधिकारी फेल राशि देने के बावजूद दर्जनभर जिलों

पटना(हि. ब्यू.)। कृषि यांत्रिकरण योजना को धरातल पर उतारने में अधिकारी फेल हो गये। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र दो माह शेष हैं और अब तक की उपलब्धि मात्र 31.82 प्रतिशत है। लगभग एक दर्जन जिलों में तो इससे संबंधित कई योजनाओं की प्रगति शून्य है। कृषि निदेशक बी राजेन्दर ने उन जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों से डीओ लेटर के माध्यम से जवाब तलब करने का निर्देश दिया है। कृषि विकास के लिए रोड मैप बनाने के बाद सरकार ने यांत्रिकरण पर विशेष जोर दिया था। यंत्रों की खरीद के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने को सरकार ने कई तरह के अनुदान की घोषणा की। बावजूद वांछित उपलब्धि नहीं मिली। सारण और सीवान जिलों में तो कृषि यंत्रिकरण योजना फेल हो गई। इन जिलों में योजना की प्रगति शून्य है। हद तो यह है कि 60 हजार तक अनुदान की घोषणा के बावजूद सरकार की महत्वाकांक्षी पावर टीलर योजना में भी दिसम्बर माह तक उपलब्धि बहुत कम रही। पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुंगेर, लखीसराय, सहरसा, पूर्णिया और खगडिम्या के अलावा बक्सर, रोहतास, भभुआ, अरवल, सारण, सीवान, गोपालगंज, दरभंगा, समस्तीपुर और बेगूसराय जिलों में पावर टीलर योजना का लाभ एक भी किसान नहीं ले सके। यह स्थिति तब है जब विभाग ने राज्यभर में लगाये गये किसान मेलों के माध्यम से अपनी इस योजना को किसानों के बीच धूमधाम से लांच किया था। कृषि निदेशक ने समीक्षा के दौरान इस स्थिति पर खेद प्रकट करते हुए कई जिलों के अधिकारियों से जवब तलब करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कहा है कि अधिकारी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए बैंकों को लक्ष्य से बीस प्रतिशत अधिक आवेदन भेजें। नई पहल योजना के तहत सरकार ने हर जिले में कृषि उपादान मेला लगाने का निर्देश दिया था। जहनाबाद , नवादा, औरंगाबाद, सारण, सीवान, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों में इस योजना की उपलब्धि पर भी निदेशक ने असंतोष जताया है। इन जिलों में एक भी मेले का आयोजन नहीं किया गया है जबकि सरकार की ओर से बहुत पहले ही राशि दे दी गई है।

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  • Web Title: कृषि यांत्रिकरण में अधिकारी फेल राशि देने के बावजूद दर्जनभर जिलों