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यूजर फ्रेंडली हुआ फेसबुक बदले रूप में नजर आया सोशल नेटवर्किंग

राहुलपटना। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने पूरी तरह से अपना रंग-रूप बदल दिया है। अब इस साइट का उपयोग आम लोग आसानी से कर पाएंगे। फेसबुक वेबसाइट हाल के दिनों में काफी लोकप्रिय हुआ है। ट्विटर व ऑरकुट जैसे स्थापित सोशल नेटवर्किंग साइट को इसने तगड़ी टक्कर दी है। विचारों के आदान-प्रदान व फोटो शेयरिंग की बेजोड़ सुविधा इस वेबसाइट ने अपने उपभोक्ताओं को उपलब्ध करायी है। वेबसाइट के होमपेज से डाउन स्क्रीन पर दिखने वाला पॉपअप बार हटा दिया गया है और बाएं कॉर्नर पर ऑनलाइन यूजर को दिखाया जा रहा है।शुक्रवार को जब यूजरों ने फेसबुक पर अपना एकाउंट देखा तो उनके सामने बिल्कुल नये विंडो का दर्शन हुआ। फेसबुक एप्लीकेशन का पॉप अप बार हटा दिए जाने से कुछ यूजरों को पहले परेशानी हुई लेकिन धीरे-धीरे उन्हें सब कुछ समझ में आ गया। वेबसाइट के बदले रूप के साथ नए विंडो का उपयोग करने के लिए सुझाव का विंडो भी सामने था। इसमें बताया गया कि नए विंडो में किस आइकॉन या मेनू का उपयोग किस प्रकार करना है। फेसबुक के नियमित उपभोक्ता व सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश शंकर ने बताया कि साइट का उपयोग अब और आसान हो गया है। टॉप में अब स्टैंडर्ड बटन दिया गया है जिसमें एक क्लिक पर फ्रैंड रिक्वेस्ट, मैसेज व नोटिफिकेशन को खोला जा सकता है। फेसबुक में अगर कुछ खोजना हो तो सर्च ऑप्शन भी साथ में है। इसके बाद मेनू बार दिया गया है। बायीं तरफ ऊपर से नीचे तक अब एक अलग भाग कर दिया गया है। इसमें न्यूज फीड, मैसेजेज, इवेंट्स, फोटो, फ्रेंड्स के साथ-साथ एप्लीकेशन, गेम व ग्रुप बटन दिए गए हैं। फेसबुक के इस इंटरैक्टिव विंडो से लोगों का आकर्षण इस वेबसाइट के प्रति और बढ़ने की संभावना है। वेबसाइट का दावा है कि 35 करोड़ से अधिक एक्टिव यूजर उसके पास हैं। लगभग 18 करोड़ उपभोक्ता प्रतिदिन अपना एकाउंट चेक करते हैं और साढ़े पांच करोड़ उपभोक्ता रोज इस पर अपने विचार पोस्ट करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रत्येक यूजर के पास औसतन 130 दोस्त हैं। प्रत्येक उपभोक्ता हर माह आठ यूजरों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता है। प्रत्येक सदस्य कम से कम 12 ग्रुप से जुड़ा हुआ है। साथ ही हर उपभोक्ता रोज औसतन 55 मिनट इस वेबसाइट पर बिताता है। मोबाइल पर भी इस वेबसाइट का उपयोग करने वाले करोड़ाें उपभोक्ता हैं। पटना विवि समाजशास्त्र विभाग के डा. रणधीर कुमार सिंह के अनुसार सूचना क्रांति ने विश्व को एक गांव का रूप दे दिया है। इस तरह के सोशल नेटवर्किंग साइट से जुड़कर लोग दूसरे देशों का रहन-सहन, संस्कृति व अन्य चीजों को जान पाते हैं। विभिन्न मुद्दों पर वे बहस भी करते हैं जिससे लोगों में अंतर्राष्ट्रीय सोच विकसित होती है।

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