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बच्चों को बुखार के साथ दाने निकल आए तो इलाज

िहन्दुस्तान प्रितिनिधपटना। बच्चों में बुखार के साथ दाने िनकल आए तो इलाज नहीं छोडऩी चािहए। दरअसल इस हालत में घर के लोग बच्चों का इलाज कराना छोड़ देते हैं और पूजा-पाठ करने लगते हैं। इसे दैिवक प्रकोप मान बैठते और इलाज कराना बंद कर देते हैं। ऐसा नहीं करना चािहए। ऐसा हो तो िचकित्सक से जरूर सलाह लेनी चािहए। यह कई कारणों से हो सकता है। यह डाक्टर ही बता सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ और इसका इलाज क्या है। यह कहना है कोलकाता के िशशु रोग िवशेषज्ञ (चर्म रोग) डॉ. संदीपन धर का। वे रिववार को इिंडयन एसोिसएशन ऑफ पेिडएिट्रक्स की ओर से आयोिजत संगोष्ठी को संबोिधत कर रहे थे। डा. धर ने बताया कि ऐसी हालत में बच्चों का इलाज कैसे किया जाना चािहए। संगोष्ठी में चर्चा का िवषय का िवषय था ‘बच्चों में बुखार के साथ दाने’। अन्य वक्ताओं में िशशु रोग िवशेषज्ञ डा.आरकेपी िसन्हा, डा. अरुण कुमार ठाकुर, डा. वीरेन्द्र कुमार िसंह, डा. सुजीत कुमार िसन्हा, डा.वीणा गुप्ता, डा.एसके पंसारी आिद शािमल थे। इन िवशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों में बुखार के साथ दाने िनकलने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें वायरल या बैक्टेिरयल इनफेक्शन भी हो सकता है। इसके अलावा कोई आंतिरक बीमारी या िफर दवाओं के सेवन से भी बच्चों में ऐसा हो सकता है। िचकेनपॉक्स या िफर टॉयफायड में भी बच्चों में ऐसा देखने को िमलता है। लेकिन घर वाले खुद ही डायग्नोिसस कर बैठते और उसका इलाज भी करने लगते हैं। जबकि ऐसा करना बच्चों के िलए नुकसानदेह सािबत होता है। ऐसी हालत में इलाज नहीं छोड़नी चािहए।

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