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प्रोन्नति में अनियमितता से कर्मियों में नाराजगी

पटना। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डा.अशोक कुमार और महासचिव अभियंता हरिकेश्वर राम ने कहा कि राज्य सरकार 85वें संविधान संशोधन को अमल करने में विफल हो रही है। संविधान संशोधन के अनुरूप कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने 2002 में वरीयता सूची को संशोधित करने और संशोधित वरीयता सूची के आधार पर अनुसूचित जाति/जनजाति के कर्मियों को सामान्य कोटि में भी प्रोन्नति का हकदार मानते हुए सभी विभागों को छह माह के अंदर प्रोन्नति प्रदान करने का निर्देश दिया था। लेकिन कार्य विभागों और कार्मिक व प्रशासनिक विभागों द्वारा ही इसे अमल में लाया जा सका है। अन्य विभागों में आदेश का पालन नहीं होने के कारण अनसूचित जाति के वरीय पणन पदाधिकारी कनीय पदाधिकारियों के अधीन कार्य करने के लिए विवश हैं। कार्यालय सचिव श्लोक पासवान ने कहा कि सरकार के इस भेदभाव पूर्ण कार्रवाई से अनसूचित जाति/जनजाति के कर्मियों में काफी नाराजगी है

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  • Web Title: प्रोन्नति में अनियमितता से कर्मियों में नाराजगी